ट्रेन में बैठते ही श्रमिकों की खुशी का नहीं रहा ठिकाना, माेबाइल पर काॅल

हिसार. हिसार से लगातार दूसरे दिन गुरुवार को ट्रैक पर बिहार के लिए ट्रेन दौड़ी। ये खुशियों की रेलगाड़ी पिछले करीब सवा महीने से लॉकडाउन में अलग-अलग जिलों में फंसे प्रवासियों के लिए चलाई गई। इसका रूट रहा हिसार टू मुजफ्फरपुर। श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठते ही 1200 श्रमिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अधिकतर श्रमिक ट्रेन में बैठते ही पत्नी और परिवार के अन्य सदस्याें काे माेबाइल पर काॅल कर जल्द घर आने की बात बताते नजर अाए। श्रमिकों के चेहरों पर अलग तरह की खुशी नजर आई। श्रमिकों के बीच डिस्टेंस के लिए उचित व्यवस्था की गई थी। यात्रियाें में चार महिलाएं भी थी। श्रमिकाें के बच्चाें काे प्रशासन की तरफ से खिलाैने, चाॅकलेट बांटी गईं। दोपहर दाे बजकर 5 मिनट पर ट्रेन काे मुजफ्फरपुर के लिए डिप्टी स्पीकर रणवीर गंगवा, विधायक कमल गुप्ता, हिसार के मेयर गाैतम सरदाना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के रवाना हाेते समय श्रमिकाें ने रेलवे अधिकारियाें, पुलिस प्रशासन का ताली बजाकर धन्यवाद दिया। इससे पहले एसपी और डीसी जहां रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
गुरुवार काे भी 300 जवानाें काे विभिन्न स्थानाें पर तैनात किया गया था। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही श्रमिकों की प्लेटफार्म पर एंट्री हुई। घर लौटते श्रमिकों ने पुुलिस प्रशासन और रेलवे अधिकारियाें का ताली बजाकर धन्यवाद दिया। श्रमिकों काे श्रमिकों काे 6 लाख 96 हजार के टिकट बांटे गए।
दूसरे दिन गाइडलाइन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। बीकानेर डिविजन के डीआरएम संजय श्रीवास्तव औैर सीनियर डीसीएम जितेंद्र कुमार मीणा ने डिस्टेंस बनाने काे अलग से कर्मचारियाें की तैनाती के निर्देश दिए। डिस्टेंस बनवाने के लिए प्रत्येक बाेगी में दाे दाे कर्मचारियाें की अलग से ड्यूटी लगा दी गई। यही नहीं श्रमिकों काे सेनिटाइजर की बाेतल भी बांटी गई। वहीं डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी औैर एसपी गंगाराम पूनिया ने सुबह के अलावा दोपहर के समय रेलवे स्टेशन का जायजा लिया। एसपी ताे ट्रेन जाने के करीब एक घंटे बाद तक भी रेलवे स्टेशन पर ही डेरा डाले रहे। साथ ही स्टेशन अधीक्षक केएल चाैधरी के साथ भी मीटिंग की।

डीसी ने श्रमिकों का जाना हाल, बाेलीं- काेई परेशानी ताे नहीं

ट्रेन के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हाेने से पूर्व ही डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी हिसार रेलवे स्टेशन पर पहुंची। डीसी ने ट्रेन में बैठे श्रमिकों से पूछा कि उन्हें किसी तरह की काेई दिक्कत ताे नहीं है। श्रमिकों ने किसी भी तरह की दिक्कत हाेने से इनकार कर दिया। साथ ही घर पहुंचाने के लिए ट्रेन में फ्री यात्रा कराने के लिए डीसी का धन्यवाद भी दिया। दोपहर करीब एक बजे प्रशासन के अलावा गुरुद्वारा समिति के पदाधिकारियाें ने श्रमिकों काे ट्रेन में ही खाना उपलब्ध कराया। खाना बंटवाने में मेयर गाैतम सरदाना भी आगे रहे।

घर जाते समय यह बाेले श्रमिक : तीन माह बाद देखूंगा बेटी का चेहरा, बच्चाें के साथ खूब करूंगा मस्ती

  • लाॅकडाउन के कारण प्रदेश के विभिन्न स्थानाें पर फंसे श्रमिकों से भास्कर ने बातचीत की। श्रमिकों के चेहरे पर घर जाने की खुशी साफ नजर अा रही थी। श्रमिकों ने कुछ यूं कहां।
  • महेंद्रगढ़ में रहकर मजदूरी करने वाले दरभंगा के फूलाें राय ने कहा कि अाज दरभंगा जाने का माैका मिला है। तीन माह से अपनी बेटी काे नहीं देख सका था। अब घर पर जाकर बच्चाें के साथ खेलूंगा। यही नहीं लाॅकडाउन खुलने के बाद बच्चाें काे घूमाने के लिए भी लेकर जाऊंगा। घर पहुंचाने के लिए हिसार प्रशासन का शुक्रिया।
  • झज्जर में रहकर मजदूरी करने वाले बिहार के दरभंगा के रहने वाले हरिदास का कहना था कि अब वह घर पर जा रहा है। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। घर पर जाकर वह अपनी बेटी की शादी करेगा। घर पहुंचाने में मदद करने वाले पुलिस प्रशासन की भी सराहना की।
  • झज्जर में मजदूरी करने वाले मुजफ्फरपुर के श्रमिक रितिक का कहना था कि उसके पास माेबाइल नहीं है। इसके कारण वह साथी श्रमिक के माेबाइल से ही घर पर बात कर पा रहा था। अब घर जा रहा है ताे उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है। घर पर जाकर मां के चरण स्पर्श करूंगा। लाॅकडाउन खुलने पर परिवार काे भी किसी स्थान पर लेकर जाऊंगा।

अधिक संख्या में श्रमिकाें ने रजिस्ट्रेशन कराया ताे जल्द चलेगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन

बिहार व अन्य स्थानाें के श्रमिकाें के लिए जल्द ही स्पेशल श्रमिक ट्रेन चल सकती है। हालांकि अभी श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए काेई आधिकारिक घाेषणा नहीं की गई है। श्रमिक आनॅलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में लगे हुए हैं। हरियाणा विस के डिप्टी स्पीकर रणवीर गंगवा ने बताया कि श्रमिक अभी भी घर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। जल्द ही श्रमिकाें के लिए एक और स्पेशल श्रमिक ट्रेन चलाई जा सकती है। हालांकि यह श्रमिकाें की संख्या पर डिपेंड करेगा। बिहार हाे या फिर अन्य प्रदेश के श्रमिकों काे परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।

साहब, हमें भी पहुंचा दाे घर

उत्तराखंड के देहरादून के मनाेज कुमार, विमल कुमार, सूरज कुमार, सुनील राम, सागर कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि बिहार के श्रमिकाें की तरह उन्हें भी उनके प्रदेश पहुंचाया जाए। कहा कि घर नहीं जाने के कारण परिवार काे परेशानी हाे रही है। स्पेशल ट्रेन या बस चलवाने की मांग की।

  • दाे श्रमिक स्पेशल ट्रेनाें से बिहार के श्रमिकाें काे भेजा जा चुका है। श्रमिकाें काे किसी भी तरह की परेशानी नहीं हाेने दी जाएगी।'' – रणवीर गंगवा, डिप्टी स्पीकर, विधानसभा, हरियाणा।
  • दाेनाें श्रमिक स्पेशल ट्रेनाें काे चलवाने में हिसार के पुलिस प्रशासन का भी अहम याेगदान रहा है। उनके सहयाेग से ही ट्रेनाें काे भिजवाया गया। यदि भविष्य में फिर से श्रमिकों काे ट्रेनाें में किसी भी स्थान पर पहुंचाने की जिम्मेदारी िमलती है ताे रेलवे तैयार है। श्रमिकों काे किसी भी तरह की परेशानी नहीं हाेने दी जाएगी।'' -जितेंद्र कुमार मीणा, सीनियर डीसीएम, बीकानेर डिविजन