चर्म रोग की ओपीडी पहले ही हो चुकी बंद, एलएनजेपी अस्पताल में अब मनोरोग विशेषज्ञ ने भी दिया इस्तीफा

कुरुक्षेत्र. शहर का सिविल अस्पताल पहले डॉक्टर्स और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अभी तक सरकार स्वास्थ्य विभाग यहां जरूरत के मुताबिक डॉक्टर्स मुहैया नहीं करा पाया। दो साल से कई गंभीर रोगों से संबंधित ओपीडी डॉक्टर होने के कारण बंद पड़ी हैं। एक तरफ जहां विभाग डॉक्टर मुहैया नहीं करा पा रहा है। वहीं सरकारी अस्पताल में नौकरी को अलविदा कहने वाले डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अस्पताल से पहले ही चर्म राेग विशेषज्ञ व मनाेराेग प्रमुख इस्तीफा दे चुके हैं। अब एलएनजेपी में मनोरोग ओपीडी में एक ही चिकित्सक रह गया है जिससे मरीजाें काे इलाज के लिए परेशानी झेलनी पड़ेगी।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा दुआ सोबती ने भी नौकरी छोड़ने के लिए विभाग को नोटिस दे दिया है। सरकार और विभाग सरकारी अस्पतालों में स्टाफ से लेकर हर सुविधा मुहैया कराने के दावे कर रहा है लेकिन चाह कर भी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं कर पा रहे हैं। एलएनजेपी के लिए 42 चिकित्सकों की जरूरत है। इतनी पोस्ट भी यहां के लिए सेंक्शन हैं, लेकिन महज 30 ही डॉक्टर यहां उपलब्ध हैं। इनमें भी ज्यादातर एमओ हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स काफी कम हैं।
हर माह भेज रहे डिमांड

अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों की कमी को लेकर कई बार महानिदेशक को अवगत करा चुके हैं। अब फिर से डिमांड भेजेंगे।
कई विशेषज्ञ छोड़ चुके नौकरी

जिला अस्पताल से डॉ. अनुराग कौशल ने 2011, गायनी सर्जन डॉ. नेहा 2015, डॉ. विवेक ने 2016 में, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र परूथी, दंत राेग विशेषज्ञ डॉ. पूजा ललित भी नौकरी छोड़ चुकी हैं।
औसतन 200 की ओपीडी, मरीजों को होगी दिक्कत

अब मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा दुअा साेबती ने भी इस्तीफा दे दिया है। मनोरोग विभाग में औसतन 200 मरीज पहुंचते हैं। मनाेराेग अाेपीडी में दाे चिकित्सक थे अब डाॅ. सुरेंद्र मढान ही मरीजाें का इलाज करेंगे। अब मरीजों को इलाज लेने में ज्यादा समय लगेगा जिससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। बता दें कि मनोरोग में अधिकांश का लंबे समय तक इलाज चलता है। ऐसे में जिनका पहले से इलाज यहां चल रहा है, उन्हें भी दिक्कत होगी।

अधिकांश ने खोले क्लीनिक
हालांकि जिन चिकित्सकों ने पिछले पांच साल के दौरान नौकरी छोड़ी है, उनमें से अधिकांश अब अपना ही क्लीनिक खोल चुके हैं। बताया जाता है कि डॉ. नेेहा की रिटायरमेंट में अभी दस साल बाकी हैं, लेकिन वे भी अपना ही क्लीनिक खोलेंगी इसीलिए उन्होंने भी सरकारी नौकरी को अलविदा कहा है। सिविल सर्जन डाॅ. सुखबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में मनाेराेग विशेषज्ञ डाॅ. नेहा दुआ साेबती ने इस्तीफा दिया है। अब मनाेराेग की ओपीडी में एक ही चिकित्सक से व्यवस्था बनाई जाएगी।