घाटा उठा ग्राम पंचायत तलवाड़ा ने 70 एकड़ जमीन ठेके पर दी

जाखल. गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए ग्राम पंचायत तलवाड़ा ने एक अहम संदेश दिया है। गांव तलवाड़ा की 70 एकड़ पंचायती जमीन पर इस बार सरकार के आदेश अनुसार धान की बिजाई नहीं की जाएगी। हालांकि इसके लिए ग्राम पंचायत को अपने राजस्व में 15 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ेगा। लेकिन पंचायत ने सरकार के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए किसानों को इसके लिए प्रेरित कर पंचायती भूमि पर अन्य खेती करने के लिए उत्साहित किया है। इसके साथ ही गांव तलवाड़ा की ग्राम पंचायत ब्लॉक में ही नहीं बल्कि जिला स्तर पर पहली ऐसी पंचायत बन चुकी है जिसने प्रदेश प्रकार के दिशा निर्देशानुसार अपनी पंचायती भूमि पर धान की बिजाई ना करने की शर्त पर इसे ठेका पर दिया है।
ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि प्रदीप शर्मा ने बताया कि 70 एकड़ पंचायती जमीन की बोली करवाने के लिए विशेष तौर पर जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी बलजीत सिंह चहल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, सरपंच सुखविंदर शर्मा, ग्राम सचिव तरसेम सिंह व पुलिस थाना प्रभारी अवतार सिंह मौजूद रहे। बोली देने आए सभी बोली दाताओं का सोशल डिस्टेंस रखते हुए उन्हें सेनिटाइज करवाया गया। जिसके बाद बोली के नियम और शर्त को पढ़ते हुए एक-एक कर बोली दी गई। उन्होंने बताया कि पंचायत की कुल 70 एकड़ जमीन का एक तिहाई भूमि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रखा गया। जिसके बाद पंचायती भूमि का प्लाट नंबर 1 सुखविंदर सिंह, प्लॉट नंबर 2 मलकीत सिंह, प्लॉट 3 गुरचरण सिंह, प्लॉट 4 नेक सिंह(आरक्षित), प्लॉट नंबर 5 महेंद्र सिंह, प्लॉट नंबर 6 सतपाल सिंह, व प्लॉट नंबर 7 दिलबाग सिंह को सर्वोच्च बोली देने पर इनका ठेका दे दिया गया। पिछले साल इसी पंचायती 70 एकड़ भूमि से ग्राम पंचायत को 51 लाख 24 हजार रुपये की आय हुई थी। लेकिन इस बार इस भूमि पर धान की बिजाई ना किए जाने की शर्त लगाते हुए इसे 36 लाख 25 हजार रुपये में ठेका पर दिया गया है। हालांकि इससे ग्राम पंचायत को 14 लाख 99 हजार रुपए की आय का घाटा उठाना पड़ा है। लेकिन ग्राम पंचायत ने गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए अन्य ग्राम पंचायतों के समक्ष एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सभी बोली दाता किसानों ने आश्वस्त किया है कि वह ग्राम पंचायत की भूमि पर खड़े किसी भी पेड़ पौधे को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे व गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए इस भूमि पर उपयुक्त खेती करेंगे।