इंडस्ट्री शुरू करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की नहीं जरूरत लॉकडाउन के मानक पूरे हैं तो आवेदन करते ही मिलेगी परमिशन

  • अभी तक केवल निगम सीमा क्षेत्र के बाहर थी फैक्टरी चलाने की परमिशन, अब ये शर्त खत्म कर दी गई

यमुनानगर. लॉकडाउन-3 में सरकार ने थोड़ी राहत देनी शुरु कर दी है, जिससे अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जा सके। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नई गाइडलाइन जारी की गई। इसके अनुसार अब शर्तों के साथ इंडस्ट्री खोलने की अनुमति दी जाने लगी है। प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री ओपन करने के लिए दूसरे चरण का रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू कर दिया है। इस बार फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद अनुमित देने की व्यवस्था खत्म कर दी गई। शर्त यही है कि उद्यमी गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन करें। अब ऑटोेमेटिक सिस्टम से परमिशन मिल जाएगी। माना जा रहा है कि इस कदम से सरकार श्रमिकों के पलायन को रोक रही है। लॉकडाउन में काफी फैक्टरी बंद रहीं। काम न मिलने के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों ने घर वापसी का रुख कर लिया। उद्योग धंधे चलने से जब काम मिलना शुरू हो जाएगा तो इनके घर की ओर बढ़ते कदम रुक जाएंगे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में जो इंडस्ट्री चलाने की परमिशन थी वह निगम क्षेत्र के बाहर की थी। अब निगम क्षेत्र की इंडस्ट्री चलाने के लिए अनुमति लेकर शुरू की जा सकती है। औद्योगिक नगरी की बात करें तो यहां छोटी बड़ी मिलाकर दो हजार के करीब फैक्टरी हैं। इनके माध्यम से डेढ़ लाख श्रमिकों को रोजगार मिलता है। सरकार ने दूसरे चरण का सरल हरियाणा पोर्टल ओपन कर दिया है। अब कोई भी उद्यमी पोर्टल पर आवेदन कर मंजूरी ले सकता है। उद्यमी को अपनी अंडरटेकिंग देनी होगी। इसके बाद खुद ब खुद परमिशन जनरेट होकर मिल जाएगी। इसके लिए टीम मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं करेगी।
इससे वर्करों को मिलेगा काम | लॉकाडाउन लागू होने के बाद श्रमिकों का गांव की ओर पलायन जारी है, हालांकि सरकार औद्योगिक संस्थानों को अपने वर्करों को लॉकडाउन का भी वेतन देने का आदेश दिया है, लेकिन कारोबारियों का कहना है कि खर्चे बहुत हैं। फिर भी अगर संभव हुआ तो सरकार के आदेशों पर अमल किया जाएगा। वैसे वे इतनी मजबूत स्थिति में नहीं है कि वेतन जारी कर सकें। सरकार को इस कड़ी में प्रयास करना चाहिए, जिससे उद्यमी वर्करों के हित में कार्य कर सकें। कारोबारियों का कहना है कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार पहले सप्ताह में 50 प्रतिशत और दूसरे सप्ताह में 75 प्रतिशत वर्करों के साथ काम करने की अनुमति देने की बात कही है। लेकिन कंटनेमेंट एरिया में स्थित किसी भी फैक्टरी को अभी चलाने की परमिशन नहीं है। दो दिन पहले सीएम ने वीडियो कांफ्रेंस से उद्यमियों से बातचीत की थी जिसमें उद्यमियों ने उनके सामने कई प्रकार के प्रस्ताव रखे थे। जिन गौर करने की बात कही गई है।