अब मिड डे मील के साथ बच्चे पी सकेंगे चॉकलेट व इलायची फ्लेवर मिल्क

  • पहली से आठी तक के बच्चों को मई के साथ जून का भी मिलेगा मिड-डे मील राशन, आधा-आधा किलो के सूखे दूध के पैकेट

कुरुक्षेत्र. लॉकडाउन-3 में अब जिलेभर के राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ रहे 52 हजार बच्चों को पहली बार मई के साथ जून महीने का राशन भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं, इस बार बच्चों के स्वास्थ्य और पौष्टिकता को ध्यान में रखते हुए चॉकलेट, इलायची व वनीला फ्लेवर का आधा किलो सूखा दूध भी दिया जाएगा। अब से पहले तक विद्यार्थियों को मई में ही मिड-डे मील मिलता था और जून में छुटि्टयां होने के कारण मिड-डे मील देने की व्यवस्था नहीं थी लेकिन इस बार दोनों महीनों का 24-24 दिन के हिसाब से 48 दिन का मिड-डे मील राशन बच्चों को उनके घर पर ही पहुंचाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश आ चुके हैं जिसके चलते अगले सप्ताह में मिड-डे मील का राशन व फ्लेवर मिल्क के पैकेट बच्चों को वितरित किए जाएंगे।
मिड-डे मील के लिए कुकिंग कॉस्ट भी बढ़ी : इस बार बच्चों को अधिक स्वादिष्ट व्यंजन मिलने के साथ-साथ, विभाग की ओर से मिड-डे मील बनाने की कॉस्ट भी बढ़ाई गई है। पहले पहली से पांचवी तक बच्चों के लिए पकने वाले भोजन की कुकिंग कॉस्ट प्रति बच्चा 4 रुपए 48 पैसे थी, जिसे अब बढ़ाकर 4 रुपए 97 पैसे कर दिया है। इसी तरह छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए पकने वाले भोजन की कुकिंग कॉस्ट प्रति बच्चा 6 रुपए 71 पैसे थी, जो अब बढ़कर 7 रुपए 45 पैसे हो गई है। इन पैसों को सीधे विद्यार्थियों के अकाउंट में डाला जाएगा। पहली से पांचवी कक्षा तक के बच्चों की कुकिंग कॉस्ट 238.56 रुपए और छठी से आठवीं के बच्चों की कुकिंग कॉस्ट 357.60 रुपए बनती है।
पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को दो किलो 160 ग्राम गेहूं और दो किलो 640 ग्राम चावल दिए जाएंगे। वहीं छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को तीन किलाे 240 ग्राम गेहूं और तीन किलो 960 ग्राम चावल दिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग की अच्छी पहल : पूर्व जिला प्रधान विनोद
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला प्रधान विनोद चौहान ने कहा कि राजकीय स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की पौष्टिकता का ध्यान रखते हुए उन्हें दूध देने की पहल अच्छी है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में सभी शिक्षक बच्चों के घर-घर जाकर मिड-डे मील पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों को रोजाना होमवर्क भेजा जा रहा है ताकि उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।
20 ग्राम से तैयार होता है 250 ग्राम दूध : सतनाम
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम भट्टी ने बताया कि 20 ग्राम सूखे दूध से 250 ग्राम दूध तैयार हो जाता है। उन्होंने बताया कि पहली बार विद्यार्थियों को मई महीने के साथ ही जून महीने का राशन भी दिया जाएगा। सतनाम भट्टी ने कहा कि पहली बार बच्चों की पौष्टिकता को ध्यान में रखते हुए चॉकलेट, इलायची व वनीला फ्लेवर के सूखे दूध के पैकेट भी बच्चों को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह से मिड-डे मील राशन को बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा।