300 पुलिसकर्मी और 100 रेलवे कर्मचारी तैनात रहे, फिर भी प्लेटफॉर्म और ट्रेन में डिस्टेंस की उड़ीं धज्जियां, एक ही सीट पर बैठे 4-4 श्रमिक

  • चेहरे खिले दिखे : 46 दिन के बाद 1200 श्रमिक घर के लिए रवाना हुए, ट्रेन में बैठने से पहले सबका स्वास्थ्य जांचा
  • निगरानी : डीसी, एसपी, एसडीएम और आरपीएफ, जीआरपी के अधिकारी भी लेते रहे जायजा, आज दूसरी ट्रेन जाएगी

हिसार. (महबूब अली) भले ही हिसार रेलवे स्टेशन से बिहार के श्रमिकों के लिए चलाई स्पेशल ट्रेन के लिए पुलिस प्रशासन व रेलवे के अधिकारी सभी तैयारियों का दावा कर रहे हो। डिस्टेंस बनाने और सुरक्षा के लिए 300 पुलिस के जवानों के अलावा करीब 100 रेलवे के अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया गया हो मगर बुधवार को दोपहर जब हिसार के अलावा हांसी, नारनौंद और बरवाला से बिहार के श्रमिक रेलवे स्टेशन पर पहंुचे तो मेन गेट के पास तो पुलिस ने श्रमिकों के बीच डिस्टेंस बना दिया। मगर आरपीएफ थाने के पास डिस्टेंस की खूब धज्जियां उड़ीं। यही नहीं ट्रेन की बोगियों में भी दो के बजाय एक सीट पर चार-चार श्रमिक बैठे नजर आए। जिनके बीच डिस्टेंस बनाने वाला कोई नहीं था। इस स्थिति में कोरोना काे किस तरह से मात दी जा सकती है। खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। रेलवे स्टेशन पर पड़ताल के दौरान कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला। वहीं ट्रेन में सवार होते ही बिहार के कुछ श्रमिक जहां तुरंत ही सो गए। वहीं कुछ बॉलीवुड फिल्म तो कुछ सीरियल देखते नजर आए। वहीं जब एसएस से बात की तो उन्होंने कहा कि डिस्टेंस को लेकर पूरे इंतजाम किए जाएंगे।
ट्रेन में डिस्टेंस बनाने के लिए अलग से कर्मचारी किए जाएंगे तैनात

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मुजफ्फरपुर को 7 मई को जाने वाली ट्रेन को लेकर जहां रेलवे स्टेशन पर 300 के करीब जवान तैनात रहेंगे। वहीं ट्रेन की बोगियों के अंदर डिस्टेंस बनाने को अलग से रेलवे कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक एक्स्ट्रा स्वास्थ्य टीम भी तैनात रहेगी।

आज दोपहर 2 बजे चलेगी ट्रेन, मुजफ्फरपुर जाएगी

स्टेश्न अधीक्षक केएल चौधरी ने बताया कि गुरुवार को भी दोपहर दो बजे हिसार से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। जिसको चलाने की सभी व्यवस्था कर ली गई है। इस ट्रेन में भी श्रमिकों को भेजा जाएगा।

7.68 लाख के टिकट बांटे

एक टिकट की कीमत 640 रुपये थी। 1200 श्रमिकों को कुल 7 लाख 68 हजार के टिकट श्रमिकों को फ्री में दिए गए। जिनमें 85 प्रतिशत टिकट का खर्च केंद्र जबकि 15 प्रतिशत प्रदेश सरकार खुद वहन करेेगी।

डिस्टेंस के लिए ये होने चाहिए थे प्रयास

डिस्टेंस के लिए ये होने चाहिए थे प्रयास

  • हर बोगी में कर्मचारी तैनात होने चाहिए थे।
  • रेलवे स्टेशन पर डिस्टेंस बनवाने का सख्ताई से पालन करना चाहिए था।
  • लाउड स्पीकर से डिस्टेंस के साथ बैठने की अपील कर सकते थे।

हाथ सेनेटाइज कराने की तरफ नहीं दिया कोई ध्यान

  • रेलवे स्टेशन मेन गेट (सुबह 6 बजे) : एसपी गंगाराम पूनिया रेलवे स्टेशन के अंदर पहुंचते हैं। पुलिसकर्मियों को अलर्ट के साथ ड्यूटी देने के लिए कहते हैं। एसएस से भी व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। ट्रेन की बोगियों के बारे में भी जानकारी ली।
  • रेलवे स्टेशन का बाहरी गेट (10:20 बजे) : श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार होने के लिए बिहार के श्रमिक स्टेशन पर पहुंचते हैं। जिन्हें रेलवे स्टेशन छावनी में तब्दील नजर आता है। यहां पर काफी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। दरवाजे पर बैठे स्वास्थ्य टीम स्क्रीनिंग के बाद श्रमिकों को बारी-बारी से डिस्टेंस और थर्मल स्क्रीनिंग साथ रेलवे स्टेशन के अंदर प्रवेश कराती है। हालांकि श्रमिकों के हाथ से सेनेटाइज करने की तरफ किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। बिना सेनेटाइज हुए ही श्रमिक अंदर जा रहे थे।
  • एसएस ऑफिस के बाहर (11 बजे) : डीसी डाॅ. प्रियंका सोनी व अन्य अधिकारी पहुंचते हैं। श्रमिकों को बच्चों के लिए खिलाैने व अन्य का वितरण किया जाता है। साथ ही डीसी श्रमिकों से डिस्टेंस के साथ जाने की अपील करती है।
  • आरपीएफ थाने के पास ( दोपहर 1 बजे) : यहां पर श्रमिकों के बीच डिस्टेंस के लिए सफेद निशान तो बनाए गए थे मगर श्रमिक जवानों की लापरवाही के कारण बनाए गए गोल निशान के अलावा उनके बाहर भी बिना डिस्टेंस के खड़े थे। हालांकि आरपीएफ के जवान डिस्टेंस बनाने की अपील कर रहे थे।
  • बोगी संख्या 07224 (दोपहर 1:20 बजे) : ट्रेन में रेलवे के अधिकारियों ने काेरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर बड़ी सीट पर एक पर दो जबकि छोटी सीट पर सिर्फ एक के ही बैठने के निर्देश दिए थे मगर बोगी में अधिकतर सीट पर चार-चार यात्री बैठे हुए थे। जिनके बीच डिस्टेंस बनाने के लिए कहने वाला ट्रेन के अंदर कोई नहीं था। भास्कर संवाददाता को श्रमिक इमरान, साजिद ने बताया क उन्हें किसी ने भी ट्रेन में डिस्टेंस बनाने के लिए नहीं कहा है।
  • रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की बोगी संख्या 09222 (दोपहर 1: 40 बजे): बोगी में जगह जगह एक सीट पर डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाते हुए चार-चार यात्री बैठे हुए थे। जिनके बीच डिस्टेंस बनाने के लिए कहने वाला कोई नहीं था। बोगी में दस से अधिक स्थानों पर यात्री इसी तरह बैठे हुए थे।