बॉर्डर पर 24 नाकों पर अब पूरी सख्ती, पंजाब से सिरसा आ रहे थे 7 जमाती, पुलिस ने वापस भेजे

सिरसा. पंजाब और राजस्थान से आने वाले लोगाें को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस सख्त हो गए हंै। बॉर्डर पर 24 नाके लगाए गए हैं और इन पर पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही जिला में आने वालों को एंट्री मिल पा रही है। ऐसे में बुधवार को पंजाब के मलेरकोटला से सिरसा सीमा में प्रवेश कर रहे 7 जमातियों को जिला और पुलिस प्रशासन ने एंट्री करने से रोक दिया। उन्हें वापस भेज दिया गया।
जिला के गांव मुसाहिबवाला में पंजाब और हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस का नाका है। यहां प्रत्येक आने-जाने वाले की जांच की जा रही है। बुधवार को पंजााब की ओर से एक कार आई जिसमें 7 लोग सवार थे। पुलिस ने पूछताछ की और आने का कारण और परमिट मांगा तो वे नहीं
दिखा पाए। पूछने पर बताया कि वे सभी जमाती हैं और पंजाब के मलेरकोटला में ठहरे थे। उन्होंने बताया कि वे सभी सिरसा के हैं और अब सिरसा आना चाहते हैं। इस पर उनसे परमिट मांगा तो वे नहीं दिखा पाए। पुलिस ने परमिट न होने के कारण उन्हें वापस भेज दिया। उन्हें कहा कि बिना अनुमति जिला की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
पंजाब में कोरोना संक्रमण के बढ़ते हए मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन और सख्त हो गया है। अब पंजाब और राजस्थान से सिरसा में एंट्री करने वालों के लिए बॉर्डर पर पुलिस जांच के साथ-साथ स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी तैनात कर दिया है। पूरी जांच के बाद ही केवल आवश्यक कार्यों के लिए आने वालोें काे ही जिला की सीमा में प्रवेश दिया ला रहा है। यहां पुलिस को तैनात किया गया और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी। जहां एक ओर पुलिस गहनता से पूछताछ करती है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी थर्मल स्कैनिंग के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच भी करती है। इसके बाद यदि आवश्यक कार्य हो तभी पंजाब और राजस्थान से आने वालों को सिरसा की सीमा में एंट्री मिलती है।
पंजाब बॉर्डर पर लगे सूरतिया नाके पर तैनात एएनएम कुंती देवी, संदीप कुमार, प्रकाश सिंह, निर्मल आदि ने बताया कि कोरोना के बढ़ रहे प्रकोप पर काबू पाने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान केवल महत्वपूर्ण कारण के चलते ही आने-जाने की छूट दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सभी की स्क्रिनिंग कर व उनका पता और मोबाइल नंबर पूछ जाता है। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही ताकि लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके। इसका बाकायदा रिकार्ड भी तैयार किया जाता है और रजिस्टर में एंट्री की जाती है।