बच्चे-बुजुर्ग या हो युवा सबके लिए वायरस से बचने के लिए इम्युनिटी बूस्ट करना जरूरी, बेस्ट डाइट प्लान फॉलो कीजिए

हिसार. किसी भी रोग से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना बहुत जरूरी है। संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए घर में ही रहने, हाथों को बार-बार धोने, मास्क का इस्तेमाल करने के नियम का पालन तो हम कर ही रहे हैं मगर अब जब लॉकडाउन के नियमों में थोड़ी ढील दी गई है तो संक्रमण का खतरा और बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में इम्युनिटी पॉवर को बूस्ट करने की आवश्यकता है। जीवनशैली और खान-पान में सुधार लाकर ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। हमने शहर के डाइटिशियन से यह समझने की कोशिश की कि घर पर रहकर इसे कैसे सुधारना है। ऐेसे में बॉडी की इम्युनिटी पावर बढ़ाने के बारे हमने एक्सपर्ट से जाना…. पढ़िए़

नैचुराेपैथी डॉ. रिम्पल बता रही हैं, ऐसा डाइट प्लान जो इम्यूनिटी बढ़ाने में आपकी मदद करेगा….

सुबह खाली पेट : जीरा या दालचीनी का पानी, 5 बादाम और 1 अखरोट।
नाश्ता : स्मूदी, पनीर सैंडविच, ऑमलेट, ओट्स चीला, बेसन चीला, उपमा।
10 से 12 बजे के बीच : किवी, ऑरेज या सेब।
लंच से पहले : फल, वेज सलाद या काला चना सलाद।

लंच में : चावल, सांभर, रोटी, पालक चना दाल, खिचड़ी, दही या रायता।
4 से 5 बजे : दालचीनी, अदरक की चाय या जिंजर-लेमन ग्रीन टी, सूरजमुखी, कद्दू या तरबूज के बीज।
5 से 6 बजे : सब्जी या फलों से बना रायता, एक छोटा चम्मच चिया सीड्स, वेज सूप, पनीर या टोफू।

बच्चों को मिले पोषण, डाइट में शामिल करें ये चीजें

बच्चों के लिए प्रोटीन है बेहद जरूरी : बच्चों की मांसपेशियों और हड्डियों के अच्छे विकास के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। इसके लिए केला, दूध, अंडे, मांस, मछली जैसी प्रोटीन युक्त चीजें उनके भोजन में शामिल करनी बहुत जरूरी हैं।

शरीर में पानी की कमी न हो रखें ध्यान

अगर बच्चों का शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है तो उनका खाना खाने का मन बिल्कुल नहीं होता है। ऐसे में आपको ध्यान रखना है कि बच्चों को पानी पीने की आदत डालनी है। तरल पदार्थों का सेवन करने से उनके खाना न खाने की आदत से छुटकारा पाया जा सकता है और आपका बच्चा हेल्दी रहेगा। बच्चों के शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए मौसमी फल, सेब, अंगूर, संतरा, चीकू, अनार का सेवन करें, इस बात का ध्यान रखें।

कैलोरी भी है जरूरी

जब बच्चा दूध पीना बंद कर देता है तो उसके बाद वह खाने से ही पोषण लेता है ऐसे में ठीक से खाना न खाना बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। पांच साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को भरपूर कैलोरी की जरूरत होती है। कैलोरी के लिए दूध, साबुत अनाज, फल और सब्जियों का सेवन कर कर सकते हैं।

हार्ट पेशेंट्स, शुगर और अस्थमा राेगियों काे रखना चाहिए खास ध्यान

हम घर पर हैं, तो जीवनचर्या का कुछ तय नहीं है। कुछ लोग देर रात तक जाग रहे हैं, सुबह देर से उठ रहे हैं, ठंडा भोजन खा रहे हैं। इस खराब दिनचर्या से कई परेशानियां हो सकती हैं जैसे अपच, कब्ज, खट्‌टी डकारें आदि। ऐसे में अस्थमा, मधुमेह या हृदय रोगियों की समस्या भी बढ़ सकती है। इस मुश्किल समय में ख़ुद पर संयम रखना जरूरी है। न सिर्फ़ शारीरिक, बल्कि मानसिक दबाव भी हम सब पर है। राेज दिन की शुरुआत याेग से करें। अस्थमा के पेशेंट को इस वक्त बहुत एहतियात की जरूरत है उन्हें मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट तो बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।