फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स काे बैकअप देकर निभा रहे साथ

  • ट्राइएज क्लीनिक, फ्लू क्लीनिक और आइसोलेशन वार्ड तक प्रबंध है इनके जिम्मे

हिसार. कोरोना को हराने में जुटे फ्रंटलाइन वॉरियर्स का कदम-कदम पर बैकअप के तौर पर साथ देने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। इनकी कार्यशैली भी सराहनीय है, जोकि पीएमओ के नेतृत्व ट्राइएज क्लीनिक से लेकर फ्लू क्लीनिक और आइसोलेशन वार्ड तक प्रबंध बखूबी संभाल रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग में मैटर्न से लेकर नर्सिंग सिस्टर, स्टाफ नर्स व स्टोर इंचार्ज शामिल हैं। आइए मिलते हैं कुछ ऐसे ही चेहरों से…

शशि बाला (मैटर्न): राउंड लेकर व्यवस्था बनाती हैं

इनके सुपरविजन में सभी ड्यूटी लग रही हैं। लगातार 2 महीनों से सुबह से शाम तक राउंड लेकर व्यवस्था सुनिश्चित करती हैं। इनका कहना है कि संकट के इस दौर से निपटने में पसीना बहा रही टीम की मेहनत बेकार नहीं जाएगी। यह वक्त जल्द बीत जाएगी।

कविता (स्टाफ नर्स): संकट के दौर में 10-10 घंटे ड्यूटी

मुख्य स्टोर से तालमेल के साथ दवाइयां व अन्य जरूरी सामान ट्राइएज क्लीनिक, आइसोलेशन वार्ड और फ्लू क्लीनिक में जरूरी दवाइयां व सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करती हैं। संकट के दौर में 10-10 घंटे ड्यूटी करना अपना फर्ज समझती हैं।

कृष्णा (नर्सिंग सिस्टर): फ्रंट लाइन की सुरक्षा संभाली

आइसोलेशन स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों को पानी व खाना उपलब्ध करवाती हैं। वहीं सभी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को किट, मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करवाती है। ड्यूटी ऑवर्स में बिना रुके-थके व्यवस्था बनाने में भरपूर सहयोग करती हैं।

भूपेंद्र (स्टोर इंचार्ज ): टीम को देख मिलती है ऊर्जा

सिविल अस्पताल के मुख्य स्टोर का काम देखते हैं। बिजली, पानी, खाने की वस्तुओं सहित मूलभूत एवं आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना इनकी जिम्मेदारी है। भूपेंद्र कहते हैं कि फ्रंटलाइन टीम को देखकर जोश आ जाता है। सुविधाएं मुहैया करवाना मेरी जिम्मेदारी है।