आईएएस रानी नागर मामला: पूर्व विधायक ललित नागर बचाव में उतरे, मायावती बोली- महिला सुरक्षा पर खट्‌टर सरकार चुप क्यों?

  • ललित नागर बोले- सरकार के उत्पीड़न से तंग आकर आईएएस बेटी ने अपने पद से दिया इस्तीफा
  • लॉकडाउन में ढील मिलते ही व्यक्तिगत सुरक्षा का कारण बताकर इस्तीफा दिया था रानी नागर ने

पानीपत. हरियाणा 2014 कैडर की आईएएस रानी नागर के इस्तीफे पर सियासत गरमा गई है। रानी नागर के बचाव में विपक्षी दल कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर व यूपी की पूर्व सीएम मायावती आ गई है। मायावती ने तो ट्वीट करते हुए हरियाणा के सीएम को कहा है कि महिला सुरक्षा व सम्मान के मामले में ऐसी सरकारी उदासीनता व अन्यों की चुप्पी क्यों? बता दें कि रानी नागर ने अपनी जान को खतरा बताते हुए लॉकडाउन खत्म होने के बाद आईएएस के पद से इस्तीफा दे दिया था और अपने शहर गाजियाबाद चली गई थी।

हरियाणा की महिला आईएएस अफसर रानी नागर को, ’नौकरी के दौरान अपनी जान को खतरा’ के कारण अन्ततः अपनी नौकरी से ही इस्तीफा देकर वापस अपने घर यूपी लौट आना पड़ा है, जो अति-दुःखद व अति-दुर्भाग्यपूर्ण। महिला सुरक्षा व सम्मान के मामले में ऐसी सरकारी उदासीनता व अन्यों की चुप्पी क्यों?

— Mayawati (@Mayawati) May 6, 2020

यूपी की सीएम मायावती ने ये किया है ट्वीट
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि हरियाणा की महिला आईएएस अफसर रानी नागर को नौकरी के दौरान अपनी जान को खतरा के कारण अन्ततः अपनी नौकरी से ही इस्तीफा देकर वापस अपने घर यूपी लौट आना पड़ा है, जो अति-दुःखद व अति-दुर्भाग्यपूर्ण। महिला सुरक्षा व सम्मान के मामले में ऐसी सरकारी उदासीनता व अन्यों की चुप्पी क्यों?

कांग्रेस पूर्व विधायक ललित नागर बोले-उत्पीड़न से तंग आकर दिया रानी ने इस्तीफा
कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर ने कहा कि सरकार ने रानी नागर की शिकायत सुनन की जहमत नहीं उठाई, जिसका नतीजा यह हुआ कि रानी ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एक तरफ तो बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा देती है, लेकिन बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। रानी नागर की शिकायत के बावजूद जांच तक नहीं की गई। उसे घर तक नहीं दिया गया। गाड़ी नहीं दी गई। आईएएस बेटी असुरक्षित थी। उत्पीड़न में थी, इसी से दुखी होकर उसने इस्तीफा दिया है। ललित नागर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और रानी के इस्तीफे को नामंजूर करने की अपील की है।

लॉकडाउन में ढील मिलते ही आईएएस रानी नागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। घर जाते वक्त उनकी गाड़ी करनाल जिले के घरौंडा में खराब हो गई थी। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डाली तो एक पुलिस के जवान ने उनकी मदद की थी।

दो दिन पहले ही इस्तीफा दिया था रानी नागर ने
दो दिन पहले रानी नागर इस्तीफा देकर चंडीगढ़ से गाजियाबाद चली गई हैं। आईएएस होने के बावजूद उन्हें सरकारी आवास नहीं दिया गया था और वह पिछले दो साल से चंडीगढ़ स्थित यूटी गैस्ट हाउस में ठहरी हुई थी। रानी नागर ने अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया था।

विवादों से जुड़ा रहा है कैरियर
रानी नागर ने वर्ष 2018 के दौरान एक आईएएस पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। यह मामला सीएम ऑफिस भी पहुंचा था। नागर ने एक कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। सिरसा जिला के डबवाली में एसडीएम पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था।