ड्यूटी कर रहे पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के जवानाें के बच्चे उनके पास काॅल कर पूछ रहे सवाल, अधिकांश बच्चे फाेन कर बुलाने की जिद पर अड़े

हिसार. (महबूब अली) पापा…आप घर कब आओगे। आपकी बहुत याद आ रही है। पड़ाेस की पूजा, निकिता, साेनू के पापा ताे घर पर ही रहते हैं। खूब मस्ती करते हैं। पापा आप भी आ जाओ ताकि हम भी साथ खेल सकें। मम्मी, दादा-दादी, चाचा-चाची, बुआ सभी काे आपकी चिंता है। यह शब्द उन बच्चाें के है, जिनके पापा काेराेना महाहारी से जंग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसमें चाहे सिविल पुलिस हाे या फिर जीआरपी या फिर आरपीएफ के जवान।
काेराेना याैद्धाओं की तरह पुलिसकर्मी परिवार से दूर रहकर लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे याैद्धाओं के बच्चे राेज फाेन पर पापा के घर पर आने की जिद कर रहे हैं।़

बीरबल कुमार, थाना इंचार्ज, आरपीएफ : लॉकडाउन के बाद से घर नहीं जा पा रहे, बच्चे प्रतिदिन काॅल कर बुलाने की जिद कर रहे

अारपीएफ थाना इंचार्ज बीरबल कुमार मूलरूप से रेवाड़ी के हैं। उनके परिवार में बड़ी बेटी के अलावा 9 वर्षीय बेटा मस्तान और पांच वर्षीय बेटा छाेरे यादव है। बताया कि लाॅकडाउन के बाद से वह घर नहीं जा पा रहे हैं। वीडियाे काॅल पर ही बात बच्चाें और परिवार के अन्य सदस्याें से बात कर पा रहे हैं। बताया कि बच्चे घर बुलाने की जिद करते हैं। कहते हैं कि पड़ाेस में दाेस्त अपने पापा के साथ ही मस्ती करते हैं। आप भी आ जाओ। हालांकि परिवार के लाेग इंचार्ज का मनाेबल बढ़ा रहे हैं। ईमानदारी के साथ ड्यूटी देने काे हाैसला बढ़ाया जा रहा है।

भीम सिंह, पीसीआर, सिटी थाना : वीडियाे काॅल से ही कर रहे बात, रोज घर बुलाते हैं बच्चे

सिटी थाने की पीसीआर पर तैनात एसआई भीम सिंह मूल रूप से सिरसा के हैं। उनके दाे बेटे हैं। बताया कि लाॅकडाउन के बाद से घर नहीं जा सके है। वीडियो काॅल के माध्यम से ही परिवार के सदस्याें से बात कर पा रहे हैं। बताया कि बच्चे घर पर बुलाने की जिद करते हैं। हालांकि ड्यूटी के लिए उनका लगातार हाैसला भी बढ़ा रहे हैं।

रमेश कुमार, सिपाही, सिटी थाना झ: पापा प्लीज आ भी जाओ, हम भी आपके साथ खेलेंगे

सिटी थाने की पीसीआर पर तैनात सिपाही रमेश कुमार लाॅकडाउन के बाद से लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। उनके दाे संतानें हैं, जिनमें बेटी रीतू और बेटा साहिल है। बताया कि बच्चे कई बार जहां घर पर बुलाने की जिद करते हैं, वहीं ड्यूटी के लिए हाैसला भी बढ़ाते हैं।

बसंत कुमार, कांस्टेबल, आरपीएफ : बच्चे और परिवार के सदस्य खुद बढ़ाते हैं हाैसला

आरपीएफ थाने पर तैनात कांस्टेबल बसंत कुमार राजस्थान के अलवर के रहने वाले हैं। पिछले करीब तीन माह से घर नहीं जा सके हैं। बताया कि परिवार के बच्चाें के अलावा सभी सदस्य उसका ड्यूटी के लिए हाैसला बढ़ाते हैं। वीडियाे काॅल पर ही वह बात कर पाते हैं।

प्रदीप कुमार, थाना प्रभारी, जीआरपी : परिवार के सदस्य बढ़ा रहे हाैसला, बच्चे जिद पर अड़े

जीआरपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार यादव भी लाॅकडाउन के बाद से ही लगातार रेलवे स्टेशन के अलावा आसपास क्षेत्र में ड्यूटी दे रहे हैं। बताया कि परिवार भिवानी में रहता है। परिवार के सदस्य भी उनका हाैसला बढ़ा रहे हैं। हालांकि कई बार बच्चे घर पर बुलाने की जिद करते हैं।

लाेगाें काे यह दिया संदेश : काेराेना याैद्धाओं ने लाेगाें से कहा कि काेराेना से बचाव के मद्देनजर लाेगाें काे लाॅकडाउन का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। बेवजह बाहर निकलने से बचना चाहिए। तभी काेराेना काे हराया जा सकता है।