ट्रेन में जगह नहीं मिलने से नहीं जा सके घर

  • लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर वापस भेजने के लिए की गई मेडिकल स्क्रीनिंग

सिरसा. केंद्रीय गृह मंत्रलाय के दिशा-निर्देशों पर लॉकडाउन में फंसे तीर्थ यात्री, छात्र, श्रमिक, पर्यटक व अन्य लोगों को उनकी इच्छा अनुसार घर वापस भेजने की प्रक्रिया तो शुरू हो गई है, मगर बुधवार से जो मजदूर बिहार जाने थे। उन्हें हिसार की ट्रेन में सीट नहीं मिली पाई। इसलिए वे नहीं जा सके। अब पता लगा है कि गुरुवार को अंबाला से जाने वाली ट्रेन में उन 54 मजदूरों को भेजा जाएगा। यहां बता दें कि हिसार से बिहार के लिए दोपहर दो बजे ट्रेन रवाना हुई जिसमें अलग अलग जिलों से 1200 मजदूर गए हैं। इधर बुधवार को शहीद भगत सिंह स्टेडियम में घर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने आए लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग हुई। लेकिन इस दौरान लोगों की भीड़ स्टेडियम में जुट गई। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार नहीं रह पाई। हालांकि पुलिस ने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन बाहर छाया का इंतजाम नहीं होने से आवेदक कम जगह में एकत्रित होते देखे गए। ड्यूटीरत पटवारी ने बताया कि पहले दिन 150 के आसपास लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग हो पाई, जिनमें 2 महिलाएं शामिल थी। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद यह लोग लोग रेल, रोडवेज बस व निजी वाहन के माध्यम से अपने घर वापस जा पाएंगे। स्टेडियम में खाने, पीने, मॉस्क, शौचालय, सेनेटाइजर के साथ-साथ सफाई की व्यवस्था की गई। वहीं पुलिस ने स्टेडियम में कानून व्यवस्था बनाए रखी। हालांकि छाया का इंतजाम नहीं होने से लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर पाए।

दस्तावेजों की जांच के बाद ही ई-पास को मिलेगी मंजूरी

मेडिकल स्क्रीनिंग पश्चात मेडिकल अधिकारी की ओर से संबंधितों को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया। मेडिकल प्रमाण पत्र प्राप्त व्यक्ति ई-पास के लिए पोर्टल-सरलहरियाणाडोटजीओवीडोटइन पर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करेंगे। दस्तावेजों की जांच उपरांत ई-पास को मंजूरी देंगे।