कॉलेज की गरीब छात्राओं की ट्यूशन फीस सरकार करेगी माफ

  • कॉलेज प्रिंसिपल बोले- नाम मात्र होती है ट्यूशन फीस, ऊंट के मुंह में जीरे वाली बात

अम्बाला. प्रदेश सरकार कोरोना वायरस संकट के बीच कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ने वाली गरीब छात्राओं की ट्यूशन फीस माफ करेगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के महानिदेशक की तरफ से मंगलवार को प्रदेश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी कॉलेजों को पत्र भेजा गया है। बता दें कि प्रदेश में सरकारी और गैर-सरकारी कॉलेजों की कुल संख्या 277 है। पत्र के मुताबिक, सभी कॉलेजों को अपने यहां के ऐसे छात्राओं की सूची एक हफ्ते में विभाग को बनाकर भेजने को कहा गया है जिनके परिवार की सालाना आय हर प्रकार के सोर्स से 1.80 लाख से ज्यादा न हो। क्योंकि उन्हीं छात्राओं को ट्यूशन फीस से छूट का लाभ होगा जो यह शर्त पूरा करती हैं।
छात्राओं को नहीं होगा ज्यादा लाभ: वहीं, कुछ प्रिंसिपल ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया है कि यह सरकार का एक लुभावना कदम है। क्योंकि इससे गरीब छात्राओं को कोई खास लाभ नहीं होना वाला है। क्योंकि कॉलेज की सालाना रकम जो छात्र या छात्राओं से कॉलेज लेते हैं, उसमें ट्यूशन फीस नाम मात्र की ही होती है, असल रकम तो अन्य प्रकार के फंड होते हैं जो छात्रों से लिए जाते हैं जैसे- स्पोर्ट, इलेक्ट्रिसिटी इत्यादि। यह कदम तो ऊंट के मुंह में जीरे जैसी बात है। इन फंड में भी 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा यूनिवर्सिटी को जाता है और बाकी कॉलेज प्रबंधन अपने खर्चे चलाने के लिए रखता है। अगर फीस की बात की जाए तो यह प्रति महीना बस 40 से 60 रुपए ही होती है।
प्रिंसिपल बोले- स्कॉलरशिप पोर्टल नहीं खुलने से अटकी फीस: कॉलेज प्रिंसिपल्स ने बताया कि गरीब छात्र हर वर्ष स्कॉलरशिप के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। अप्रैल माह बीत जाने के बाद भी पोर्टल न खुलने से छात्र स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर सके। इससे हमारे पैसे भी फंसे हुए हैं।