अभी पंचायत नहीं जुटाएंगे जिनके बीच मनमुटाव सिर्फ उन्हें ही बुलाएंगे

  • काेराेना काे मात के लिए दो गज दूरी जरूरी इसलिए जिला संरक्षण अधिकारी व महिला थाना की पहल

हिसार. लॉकडाउन 3.0 में छूट के साथ पब्लिक डिलिंग वाले सरकारी विभागों में काम शुरू हो चुका है। कार्यालयों पर बेवजह भीड़ या पंचायत न जुटे और 2 गज की दूरी बनी रहे, इसके लिए जिला संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी और महिला थाना एसएचओ शीला देवी ने सराहनीय कदम उठाया है। फिलहाल उन्हीं शिकायतों को प्राथमिकता देंगी जोकि अति संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण होंगी। पंचायत को साथ लाने पर विराम लगाते हुए जिन दो पक्षों (दंपति) के बीच मनमुटाव है उन्हें ही काउंसलिंग के लिए बुलाएंगी। दरअसल, कोरोना पर नियंत्रण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। महिला विरुद्ध अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना संबंधित शिकायतों में सुनवाई के लिए दोनों पक्ष अपनी-अपनी पंचायतों के साथ पहुंचते हैं। दाेनाें तरफ से समझाैते व कार्रवाई में विश्वास रखने वाले पक्ष हाेते हैं। इनके कारण जमघट लग जाता है।

बबीता चौधरी: रोज आ रहीं तीन- चार शिकायतें, पुरानी पर सुनवाई लंबित

लॉकडाउन से पहले की शिकायतों पर सुनवाई लंबित है। लॉकडाउन के दौरान महिला विरुद्ध अपराध के मामले बढ़े हैं। रोज तीन से चार शिकायतें आने लगी हैं। किसी को पति ने पीट दिया ताे कोई दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा रही है। ऐसे में सभी को एकसाथ बुलाना सही नहीं होगा। क्योंकि मनमुटाव पति-पत्नी, बहू व ससुराल पक्ष के बीच है तो दोनों पक्षाें अपनी पंचायतें लेकर आते हैं। कोरोना को हराने के लिए सामाजिक दूरी बेहद जरूरी है। उसके मद्देनजर फैसला लिया है कि जिनके बीच मनमुटाव है, उन्हें बुलाकर काउंसलिंग करेंगे। हमारी अपील है कि पंचायत को साथ लेकर न आएं।'' -बबीता चौधरी, जिला संरक्षण अधिकारी।

शीला देवी: 1091 पर काफी कंप्लेंट्स पंचायत के नाम पर भीड़ इकट्ठी नहीं करेंगे

लॉकडाउन में घरेलू हिंसा की शिकायतें मिल रही हैं। महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर काफी कंप्लेंट्स हैं। पर, कोरोना के मद्देनजर फैसला लिया है कि पंचायत के नाम पर भीड़ इकट्ठी नहीं करेंगे। क्योंकि झगड़ा या मनमुटाव दंपति या दो परिवारों का है लेकिन पंचायती काफी आ जाते हैं। इनकी कोई संख्या नहीं होती। कभी 20 तो कभी 50 से ज्यादा भी। 17 मई तक अति संवेदनशील व महत्वपूर्ण शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान करेंगे। इनसे जुड़े पक्षों को बुलाएंगे। बाकी शिकायतों का फोन पर या राइडर-पीसीआर को भेजकर समाधान करवा रहे हैं।'' -शीला देवी, एसएचओ, महिला थाना।

प्रीति भारद्वाज: महिला आयोग का सखी व्हाट्सएप नंबर जारी, यहां भेजें शिकायत

लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। इसको लेकर आयोग काफी गंभीर है। कोरोना से बचाव काे सोशल डिस्टेंसिंग की पालना जरूरी है। इसलिए जो भी शिकायतें हमारे पास पहुंच रही हैं उनका समाधान संबंधित जिला पुलिस काे सूचना देकर करवा रहे हैं। हमारी तरफ से कुछ काउंसलर्स के नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा आयोग सखी नाम से व्हाट्सएप नंबर 95600-80115 जारी किया है। इस पर पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत भेज सकती हैं जिन पर समय रहते संज्ञान लिया जाएगा। उन्हें या उनके परिवारों को बेवजह भटकने या परेशान होने की जरूरत नहीं है।'' -प्रीति भारद्वाज, उपाध्यक्ष, महिला आयोग।