स्टाइफंड न मिलने से आयुष यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

  • 6 माह से नहीं मिल पाया विद्यार्थियों को स्टाइफंड

कुरुक्षेत्र. श्रीकृष्णा आयुष यूनिवर्सिटी में एमडी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों ने पिछले छह माह से स्टाइफंड न मिलने के कारण प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है। 24 विद्यार्थियों ने छह माह पहले यूनिवर्सिटी में पहली बार शुरू हुए स्नातकोत्तर कोर्स में दाखिला लिया था।
विद्यार्थियों ने कुछ माह पहले भी स्टाइफंड शुरू करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। जिसके बाद आयुष यूनिवर्सिटी की ओर से फाइल आला अधिकारियों को भेजी गई थी, लेकिन इस बात को भी कई महीने गुजर चुके हैं अब तक विद्यार्थियों को स्टाइफंड मिलना तो दूर की बात उनका स्टाइफंड कितना होगा यह भी निर्धारित नहीं हो पाया है। बता दें कि बीएएमएस के बाद स्नातकोत्तर में दाखिला लेने पर विद्यार्थियों को स्टाइफंड देने का प्रावधान है। ताकि विद्यार्थी अपनी स्नातकोत्तर डिग्री के साथ अपना गुजारा कर सकें।
बीच में भी नहीं छोड़ सकते कोर्स, बांड करवाया है साइन

आयुष यूनिवर्सिटी से एमडी कर रही डॉ. रंजलि, डॉ. स्वाति, डॉ. पंकज, डॉ. विशाखा, डॉ. अंजू और डॉ. सेशन ने बताया कि आयुष यूनिवर्सिटी ने दाखिले के समय उनसे 7.50 लाख का बांड साइन कराया था। इसमें लिखा गया कि अगर हम पीजी कोर्स को बीच में छोड़ते हैं तो हम जुर्माने के तौर पर स्टाइफंड की पूरी राशि और 7.50 लाख की रकम देनी होगी। इतना ही नहीं आने वाले अगले तीन साल तक कहीं और दाखिला तो दूर की बात प्रवेश परीक्षा भी नहीं दे पाएंगे। विद्यार्थियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने हक के नियम तो तुरंत बना लिए लेकिन विद्यार्थियों को देने वाले स्टाइफंड की राशि अब तक निर्धारित नहीं की।

जल्द बनाई जाएगी स्टाइफंड की व्यवस्था
श्रीकृष्णा आयुष यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि वे फिलहाल रोहतक में एक प्रोजेक्ट को लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि वे बुधवार को यूनिवर्सिटी में आकर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन का प्रयास है कि एमडी विद्यार्थियों को स्टाइफंड का पैसा किसी न किसी मद से जारी करना शुरु किया जाए। ताकि विद्यार्थियों को आर्थिक तौर पर आ रही परेशानी को दूर किया जा सके।