प्रवासी बोले- हमें पता ही नहीं कैसे होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

  • प्रवासी बोले- हमें पता ही नहीं कैसे होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
  • पढ़े-लिखे कम होने से आ रही दिक्कत, जहां जाते हैं वहां से ही भगा देते हैं

यमुनानगर. प्रशासन की ओर से बहुत से मजदूर घर वापस भेज दिए गए। अभी भी काफी संख्या में यहां वहां रुके हुए हैं। कुछ श्रमिकों का आना अभी भी जारी है। इनकी सुविधा के लिए वेबसाइट जारी की गई जिस पर डिटेल भरवा कर पंजीकृत हो सकते हैं। श्रमिकों की दिक्कत ये है कि पढ़े-लिखे तो नहीं हैं। स्मार्ट फोन ठीक से चलाना नहीं जानते। ऐसे मंे वे जहां भी जाते हैं, उनको भगा दिया जाता है। अब प्रशासन से ही उम्मीद है कि हेल्प डेस्क बनाए, जिससे उनका सहायता मिल सके। इससे उनका काम सरल हो जाएगा। उनको घर जाने में सहूलियत होगी। सोमवार देर शाम पंजाब की तरफ से सुढैल एरिया में 10-15 श्रमिक पहुंचे। ये लोग खेतों में शरण लिए हुए हैं। इनकाे राधा स्वामी सत्संग भवन नहीं दिखा इसलिए वे लोग खेतों में शरण लिए हैं। घर जाने के लिए पंजीकरण करना होता है। इसकी जानकारी उनको है। कैसे और कहां जाकर कराएं, इसका पता ही नहीं है। उनके पास ब्रेड बिस्किट है जिससे काम चला रहे हैं। एरिया के लोगों ने इनके स्वास्थ्य जांच की मांग स्वास्थ्य विभाग से की है।सिर पर सामान हाथ में बैग लेकर चलना मजबूरी| अम्बाला मार्ग से आ रहे श्रमिकों ने बताया कि लॉकडाउन में फैक्टरी लॉक है। ऐसे में वे लोग वहां से पैदल ही अपने घरों की ओर चल पड़े। किसी तरह यहां पहुंचे हैं। यहां आकर भी राहत नहीं मिली। सारा ट्रैफिक बंद है इसलिए सिर पर सामान लेकर चलना मजबूरी है। जहां से वे लाेग आए, वहां उनको सहायता नहीं मिली है इसलिए वे लोग वहां से घरों की ओर पैदल चल पड़े। श्रमिक पंकज, बिरेश्वरदास, राम सिंह व लहरी सिंह ने बताया कि उनको बताया गया है कि प्रशासन ने पंजीकरण की सुविधा दी है। उनको कोई ये तो बताए, किसकी मदद से ये कार्य हो सकेगा। वे लोग पढ़े-लिखे कम हैं इसलिए उनको दिक्कत ज्यादा आ रही है। जहां भी हेल्प के लिए गए, वहां से कल आना कह कर भेज दिया गया। कोई तो हो जो उनका रजिस्ट्रेशन कर दे। वे लोग भी सरकार की मदद से अपने घर पहुंच सकें।
सिर पर सामान हाथ में बैग लेकर चलना मजबूरी| अम्बाला मार्ग से आ रहे श्रमिकों ने बताया कि लॉकडाउन में फैक्टरी लॉक है। ऐसे में वे लोग वहां से पैदल ही अपने घरों की ओर चल पड़े। किसी तरह यहां पहुंचे हैं। यहां आकर भी राहत नहीं मिली। सारा ट्रैफिक बंद है इसलिए सिर पर सामान लेकर चलना मजबूरी है। जहां से वे लाेग आए, वहां उनको सहायता नहीं मिली है इसलिए वे लोग वहां से घरों की ओर पैदल चल पड़े। श्रमिक पंकज, बिरेश्वरदास, राम सिंह व लहरी सिंह ने बताया कि उनको बताया गया है कि प्रशासन ने पंजीकरण की सुविधा दी है। उनको कोई ये तो बताए, किसकी मदद से ये कार्य हो सकेगा। वे लोग पढ़े-लिखे कम हैं इसलिए उनको दिक्कत ज्यादा आ रही है। जहां भी हेल्प के लिए गए, वहां से कल आना कह कर भेज दिया गया। कोई तो हो जो उनका रजिस्ट्रेशन कर दे। वे लोग भी सरकार की मदद से अपने घर पहुंच सकें।
प्रशासन यह व्यवस्था करे तो हो सकता है फायदा| यह सभी को पता है कि अधिकांश श्रमिक अनपढ़ हैं। इन्हें आन लाइन रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट की प्रक्रिया समझाना कठिन ही नहीं असंभव भी है। एेसे में यदि अधिकारी चाहें तो श्रमिक बस्तियों व औद्योगिक क्षेत्रों में कुछ सक्षम या रेडक्रॉस वालंटियर की ड्यूटी लगा सकते हैं।
इससे श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन तो हो ही जाएगा, साथ ही दो चार दिन में घर पहुंचने की उम्मीद में वे बदहवास होकर पैदल घरों के लिए सैकड़ों किलो मीटर के सफर पर नहीं निकलेंगे। उनमें यह विश्वास पैदा होगा कि अधिकारी उनकी समस्या को समझ रहे हैं, यह विश्वास किसी टॉनिक से कम नहीं होगा।

इस लिंक की दी गई है सुविधा

डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान संकट की इस घड़ी में जिले से संबंधित दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए प्रवासी मजदूर, श्रद्धालु, पर्यटक, विद्यार्थी तथा अन्य व्यक्ति या यमुनानगर जिले में दूसरे प्रदेशों के फंसे हुए नागरिकों के बारे में जानकारी एकत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से ई दिशा डॉट जीओवी डॉट इन/ई फोर्मस/माइग्रेंट सर्विस https://edisha.gov.in/eForms/MigrantService लिंक की सुविधा प्रदान की गई है। इस सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित नागरिक या उनके परिजन इस लिंक पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, ताकि उन्हें अपने घर वापिस ला व भेज सकें।