नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्‌डा बोले-सरकार हालात की समीक्षा के बाद ही लॉकडाउन में ढील पर विचार करे

  • कहा-पूरी जानकारी, संसाधन, प्रोत्साहन और बाजार मुहैया कराना चाहिए, तभी किसान दूसरी फसल उगाने को तैयार हो पाएगा

चंडीगढ़/रोहतक. हरियाणा में अचानक कोरोना संक्रमण के मामलों में आए दिन हो रही बढ़ोतरी पर पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ताजा हालात की समीक्षा के बाद ही सरकार लॉकडाउन में ढील पर विचार करे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की चिंताओं पर गौर करना चाहिए जो लॉकडाउन में छूट को लेकर डरे हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए जांच की रफ्तार बढ़ाई जाए। प्रदेश में कोरोना संक्रमण अब तक नियंत्रण में नजर आ रहा था, लेकिन रविवार को एक ही दिन में 50 से ज्यादा केस सामने आना सामान्य नहीं कहा जा सकता है। सरकार को विस्तृत जानकारी जुटानी चाहिए कि अचानक एक ही दिन में इतने ज्यादा मामले कैसे बढ़े। आखिर चूक कहां हुई है।

हुड्डा ने करनाल, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर और सोनीपत में पंचायती जमीन को पट्टे पर लेने वाले किसानों को धान की बुवाई नहीं करने के आदेश पर भी आपत्ति जताई। इसकी सीधी मार गरीब और छोटे किसान पर पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को अगर गिरते भूजल स्तर की चिंता है तो उसे दादूपूर नलवी नहर परियोजना को बंद नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों को धान के विकल्प पर विचार करने के लिए समय देना चाहिए। जिन वैकल्पिक फसलों मक्का, दलहन, तिलहन और मूंग की सरकार बात कर रही है, उनके बारे में किसानों को पूरी जानकारी, संसाधन, प्रोत्साहन और बाजार मुहैया कराना चाहिए। तभी किसान दूसरी फसलों को उगाने के लिए तैयार हो पाएगा। उन्होंने किसानों को गेहूं और सरसों के भुगतान नहीं होने का भी मुद्दा उठाया।