एलएनजेपी के सामान्य वार्ड में मरीजों के साथ लिटाए जा रहे टीबी के मरीज

  • विभाग की लापरवाही पड़ सकती है मरीजों पर भारी, दूसरे मरीजों में बना रहता है संक्रमण का खतरा

कुरुक्षेत्र. टीबी पर काबू पाने के लिए भले ही सरकार कई प्रोग्राम चलाकर लोगों को जागरूक कर रही हो। बेहतर इलाज देने के दावे भी हो रहे हैं, लेकिन एलएनजेपी अस्पताल में टीबी केंद्र होने के बावजूद मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिल रही।
यहां अलग से क्षय रोग केंद्र है। इसमें वार्ड भी हैं, लेकिन यहां मरीजों को हालत बिगड़ने पर भी शिफ्ट नहीं किया जाता। इन मरीजों को सामान्य अस्पताल के वाडों में अन्य मरीजों के साथ ही भर्ती कराया जाता है। ऐसे में तब दूसरे मरीजों पर भी संक्रमण का खतरा रहता है। वहीं इस समय कोरोना के कारण सामान्य वार्ड में खांसी के मरीजों को दाखिल करना जहां चिकित्सकों के लिए चुनौती बना है, वहीं वार्ड में दाखिल दूसरे मरीजों में भी भय का माहौल रहता है। वार्ड में टीबी के मरीजों को लिटाने को लेकर दूसरे मरीज विरोध करने लगे हैं। बता दें कि पिछली सरकार में यहां वाडों को शुरू करने के आदेश भी आए थे। तब आनन फानन में क्षयरोग केंद्र के वाडों की सफाई भी की, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। अब हालत यह है कि क्षयरोग केंद्र में जहां एनसीडी कार्यालय भी चल रहा है। वहीं दवा स्टोर भी यहीं बना है। कुछ समय पहले भी महानिदेशक की ओर से टीबी केंद्र में टीवी वार्ड बनाए जाने को लेकर पत्र भी आया था। लेकिन उस समय अस्पताल प्रबंधन ने नर्स की संख्या कम होने का हवाला दिया। साथ ही यहां नसों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर पत्र लिखा, लेकिन नसों की संख्या बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली। इसके चलते केंद्र में टीबी मरीजों के लिए वार्ड फिर से शुरू नहीं हो पाए। बता दें कि सामान्य दिनों में मेडिशन की ओपीडी में रोजाना 20 से 25 मरीज टीबी के पहुंचते है। जिनमें 8 से 10 मरीजों को दाखिल करनेेे की जरूरत पड़ती है। वहीं लॉकडाउन में अस्पताल में राेजाना 5 से 10 मरीज टीबी के पहुंच रहे हैं। जिनमें से 3 से 4 मरीजों काे दाखिल करना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों काे सामान्य वार्ड में मरीजों के साथ दाखिल करने से मरीजों में संक्रमण का खतरा बना रहता है।
नई बिल्डिंग में लिया गया वार्ड, बनाएंगे व्यवस्था
उप सिविल सर्जन डॉ. अनुपमा सैनी ने कहा कि मरीजों के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है । अस्पताल की नई बिल्डिंग में टीबी रोगियों के लिए अलग से वार्ड लिया गया है। टीबी के मरीजों को जल्द ही इन वार्डों में दाखिल किया जाएगा। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।