सैंपल लिए जाने के बाद भी इमरजेंसी में मरीजों को चेक करती रहीं डॉक्टर, आशा वर्कर ने दो डिलीवरी कराई, बर्थ डे पार्टी में गई

  • जब पॉजिटिव रिपोर्ट आई तब भी इमरजेंसी में ड्यूटी पर थी कैंट सिविल अस्पताल में तैनात 26 वर्षीय महिला डॉक्टर

अम्बाला. (पवन पासी) कैंट सिविल अस्पताल की जो 26 साल की महिला डॉक्टर कोरोना संक्रमित मिली हैं, उनकी ड्यूटी कैंट सिविल की इमरजेंसी में थी। आमतौर पर जिसकी सैंपलिंग ली जाती है, उसे रिपोर्ट आने तक आइसोलेट रखते हैं। 2 मई को इस डॉक्टर का सैंपल हुआ। कोई लक्षण न होने की वजह से सोमवार को भी डॉक्टर ड्यूटी पर आईं और शाम तक इमरजेंसी में मरीज देखे। इमरजेंसी में आमतौर पर एक शिफ्ट में 50-60 मरीज देख लेते हैं। डॉक्टर ने प्रॉपर पीपीई किट की बजाय पैराशूट ड्रेस पहनी हुई थी। जब खानपुर मेडिकल कॉलेज से पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई, उसी के बाद डॉक्टर को आइसोलेट किया गया। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि महिला डॉक्टर ने पूरी सावधानियां बरती हैं।
इसी तरह नुरपूर पीएचसी से जुड़ी आशा वर्कर के भी 2 मई को सैंपल हुए। इसके बाद भी वह ड्यूटी पर रही और 2 डिलीवरी भी कराई। पीएचसी के डॉ. हरमिंद्र थिंद ने बताया कि जिनकी डिलीवरी हुई, उनके परिवारों से संपर्क कर लिया गया है। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान अंजू वर्मा ने बताया कि सोमवार को एक साथी एएनएम के बेटे की बर्थडे पार्टी में कई आशा वर्कर शामिल हुईं। जिनमें दुखेड़ी की आशा वर्कर भी थी। आशा वर्कर की ड्यूटी मोबाइल टीमों में लगी हुई है जो घरों में जाकर स्क्रीनिंग करती हैं। एक दिन में 25 घरों की स्क्रीनिंग का टारगेट रहता है। वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जब आशा वर्कर का सैंपल लिया था तो उसे क्वारेंटाइन करना चाहिए था। अब आशा वर्कर कइयों के संपर्क में आई और परिवार व गांव पर भी संकट है। आशा वर्कर को कोई लक्षण नहीं था, उसने स्वेच्छा से सैंपल कराया था।
महेशनगर के लंगर, सब्जी मंडी और सदर बाजार में भी गए श्रमिक:
मैसर्ज गर्ग एंड कंपनी के 119 लेबर है। इस कंपनी के अधीन दूसरी फर्म के पास अस्पताल परिसर में रेजिडेंट टावर निर्माण का ठेका है, जिसमें 32 लोग काम कर रहे हैं। इन श्रमिकों के 18 बच्चे हैं। गर्ग कंपनी 4 टावर का निर्माण कर रही है, जिसमें 22 श्रमिक हैं और साइट पर 7 बच्चे हैं। पिछले सप्ताह है इनके पास कैंट फुटबॉल स्टेडियम में ठहरी लेबर आ गई थी। यहां लेबर रोटेशन में अस्पताल और टावर में आती-जाती रही हैं। अस्पताल परिसर में ही 100 बिस्तर के एक्सटेंशन अस्पताल व टावर का निर्माण कर रही गर्ग कंपनी के ही 16 श्रमिक कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि टर्सरी कैंसर केयर अस्पताल बना रही कृष्णा कंपनी के 2 इंजीनियर पॉजिटिव मिले हैं। जो महेशनगर के रानीबाग में हरविंद्र सिंह के किराये के मकान में रह रहे हैं।
डिस्ट्रिक्ट क्वारेंटाइन कमेटी के इंचार्ज डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि ये लेबर 100 मीटर दूर ही ट्रैफिक लाइट के पास स्थित दो जनरल स्टोर से पान-गुटका खरीदते थे। वैसे तो श्रमिकों को राशन देना ठेकेदार का जिम्मा था लेकिन 10 लेबर कर्मी महेशनगर में सड़क पर चलने वाले लंगर में जाते थे। अब 117 श्रमिकों व उनके परिवार के सदस्यों को क्वारेंटाइन किया है।