विदेशों में फंसे प्रदेश के 3700 लोग, घर लाने के लिए आवेदन लेकर केंद्र को भेजेंगे

  • राज्य सरकार की ओर से इनका जिलावाइज डाटा जुटाया, जल्द लाने की व्यवस्था की जाएंगी
  • प्रदेश में 3 दिन में मिले 108 काेरोना पॉजिटिव, 24 घंटे में 58 केस

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 07:16 AM IST

पानीपत. दूसरे राज्यों और विदेशों में रहने वाले लोगों की घर वापसी के लिए हरियाणा सरकार ने वापसी कर दी है। राज्य के 3700 लोग विदेशों में ही फंस गए है। राज्य सरकार की ओर से इनका जिलावाइज डाटा जुटाया है। अब जल्द ही एक वेब पोर्टल लांच किया जाएगा। जिस पर विदेश में रहने वाले लोग उस पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
केंद्र सरकार विदेशी सरकार से संपर्क कर उन्हें वापस लेकर आएगी। इसके अलावा दूसरे राज्यों में जो भी व्यक्ति है, उन्हें भी वापस हरियाणा में लाने का प्रयास सरकार की ओर से किया जा रहा है। इन लोगों के हरियाणा में लाने पर उनकी मेडिकल जांच की जाएगी। साथ ही उन्हें क्वारेंटाइन भी किया जाएगा। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि विदेश में रहने वाले लोगों को पोर्टल पर आवेदन करना होगा, ताकि उनकी स्थिति का पता लग सके। आवेदन करने से जानकारी मिलेगी कि कौन-कौन वापस आना चाहता है। पोर्टल से सूचना लेकर केंद्र को दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 3 दिन में 108 मरीज मिल चुके हैं। दुनियाभर में कोरोना ने कहर बरपा रखा है।
वापस लाए जाएंगे नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थी : दूसरे राज्यों के नवोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। सभी जिलों के डीसी की जिम्मेदारी लगाई है। जिलों में स्थित नवोदय विद्यालयों के प्रिंसिपल को नोडल अधिकारी बनाया है। वे ही दूसरे राज्यों में संपर्क करेंगे। इसके अलावा हरियाणा से दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को वापस भेजा जाएगा। हालांकि बच्चों को लाने के वाहन की मूवमेंट की निगरानी भी रखी जाएगी। इसे लेकर एडीजीपी सीआईडी की ड्यूटी लगाई गई है। वे पूरे मूवमेंट पर नजर रखेंगे। एडीजीपी पुलिस जवानों को इस संबंध में दिशा-निर्देश देंगे। बच्चों को भी वापस लाने पर क्वारेंटाइन किया जाएगा।

ई-दिशा पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन, एक आईटी जरूरी

हरियाणा आने और हरियाणा से बाहर जाने के इच्छुक लोगों को सरकार द्वारा ई-दिशा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। ऐसे पंजीकरण में सहायता के लिए हारट्रोन द्वारा एक कॉल सेंटर चलाया जाएगा जो ई-दिशा पोर्टल पर पंजीकरण करेगा। मूवमेेंट पास प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति नंबर 1950 पर संबंधित जिलों के नियंत्रण कक्ष से या नंबर 1100 पर राज्य नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश में आने व जाने वालों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

हरियाणा में आने वाले सभी व्यक्तियों का होगा पंजीकरण
कोविड-19 के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों में फंसे हरियाणा के लोगों और हरियाणा में फंसे अन्य राज्यों के लोगों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार ने मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। हरियाणा राज्य में आने वाले सभी व्यक्ति न केवल पंजीकरण करने के लिए बाध्य होंगे, बल्कि उन्हें पंजीकरण की डाउनलोड की गई प्रति या स्मार्ट फोन पर या सॉफ्टकॉपी दिखानी होगी। प्रत्येक बाहर जाने वाले व्यक्ति के बारे में, पड़ोसी जिला के नोडल अधिकारी या राज्य के नोडल अधिकारी को उचित सूचना भेजनी होगी। उपायुक्त द्वारा जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा जो दैनिक आधार पर व्यक्तियों की आवाजाही का रिकार्ड रखेंगे और मानक संचालन प्रक्रियाओं के प्रावधान के उल्लंघन के मामले में तुरंत गृह विभाग को रिपोर्ट भेजेंगे।

प्रदेश वाइज लगाई ड्यूटी : गृह विभाग के सचिव टीएल सत्यप्रकाश (मोबाइल नंबर 9999178178) को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न राज्य सरकारों के साथ समन्वय के लिए राज्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है। अनुराग रस्तोगी (9872200093) को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब के लिए, अजय सिंह तोमर (7015730779) को राजस्थान के लिए, टीएल सत्यप्रकाश (मोबाइल नंबर 9999178178) को कर्नाटक के लिए, मोहम्मद शायीन (9810605945 एवं 8146111222) को केरल एवं तमिलनाडु के लिए, अजीत बालाजी जोशी (9416006665) को गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार एवं झारखंड के लिए और आमना तस्नीम (8221906650) को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लिए राज्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

जिनमें कोविड-19 के लक्षण नहीं, वे ही आएंगे
लोगों को भेजने वाले राज्य सुनिश्चित करेंगे कि उनमें कोविड -19 के लक्षण नहीं हैं। अपने निजी वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को उक्त वैब लिंक पर अपना पंजीकरण करवाना होगा और अपनी यात्रा शुरू करने से पहले दी गई अनुमति को डाउनलोड करना होगा। रेल में यात्रा के दौरान यात्री को परमिट दिखाना होगा। अंतरराज्यीय आवाजाही के दौरान लोगों को भेजने और प्राप्त करने वाले राज्यों के नोडल अधिकारी आपस में परस्पर तालमेल रखेंगे।