लॉकडाउन में तीर्थों पर सन्नाटा, पुरोहितों ने सरकार से मंदिर खोलने की मांगी मंजूरी

  • मांगः खोले जाएं मंदिर, तीर्थ पुराहितों को दें कर्मकांड करने की मंजूरी

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 06:34 AM IST

कुरुक्षेत्र. कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए सरकार की तरफ से जनता कर्फ्यू के साथ ही सभी धर्मस्थल बंद किए गए थे। इसके बाद लॉकडाउन शुरू हो गया। तभी से धर्मनगरी में स्थिति सभी मंदिर और धार्मिक स्थल बंद हैं। अब तीर्थों पर सन्नाटा पसरा है। तीर्थ पुरोहित भी लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी सरकार धार्मिक स्थलों को बंद रखने का ऐलान कर चुकी है। वहीं पर्यटन गतिविधियां भी बंद रहेंगी। श्री ब्राह्मण एवम् तीर्थोद्धार सभा का कहना है कि इसके चलते तीर्थ पुरोहितों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा है। सरकार से मांग की है कि धर्मस्थलों को खोलने की अनुमति दी जाए। तीर्थ पुरोहितों को सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कर्मकांड करने की छूट दी जाए। कुरुक्षेत्र के धार्मिक स्थलों को खोला जाए। श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोंद्वार सभा के मुख्य सलाहकार जय नारायण शर्मा ने कहा की कुरुक्षेत्र व पिहोवा में लोग मृतकों कि आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड व पिंडदान करवाने आते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण यह कार्य बंद है। इससे पुरोहितों का काम ठप है। उन की आर्थिक हालत खस्ता हो गई है।
मंदिर भी खोलने जरूरी | शर्मा ने कहा कि पिंडदान व कर्मकांड करवाने के बाद मंदिर में पूजा अर्चना करने की परम्परा है। इसलिए मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थलों में जाने की अनुमति भी प्रदान की जाए।
उत्तराखंड की तर्ज पर दें अनुमति | जयनारायण शर्मा, सभा के प्रधान पंडित पवन शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान पार्षद नितिन भारद्वाज लाली, राजीव अचू स्वामी सहित अनेक तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि जिस प्रकार उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ यात्रा की अनुमति प्रदान की है।