जिले में पहली बार फ्लू पेशेंट में डिटेक्ट हुआ कोरोना, दोनों पेशेंट की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं, किसी संक्रमित के संपर्क में आकर हुए बीमार

  • इससे पहले चार पेशेंट ट्रैवल हिस्ट्री की वजह से टेस्ट के दायरे में आए थे, तीन हो चुके ठीक

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 07:03 AM IST

यमुनानगर. रविवार को कोरोना के जो दो पेशेंट आए। दोनों जुकाम और बुखार होने पर डॉक्टर के पास पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग की प्लानिंग से दोनों पेशेंट कोरोना टेस्ट के दायरे में आए और दोनों में वायरस डिटेक्ट हुआ है।
 इससे पहले जो चार लोग कोरोना पॉजिटिव यमुनानगर में मिले, उनकी ट्रैवल हिस्ट्री होने की वजह से ही टेस्ट हो पाए थे। यानी कि अब यमुनानगर जिले में भी कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। क्योंकि पहले मिले चारों पेशेंट को लेकर तर्क दिए जा रहे थे कि वे बाहर से आए हैं, हो सकता है कि वहीं से किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हों, लेकिन अब जो महिला और आढ़ती कोरोना पॉजीटिव मिले हैं उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। ये लोग अपने वर्क पैलेस या फिर घर के आसपास ही किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। जोकि जिलावासियाें के लिए चिंता की बात है।
जुकाम और सिर दर्द होने पर ईएसआई अस्पताल गई थी महिला | दुर्गा गार्डन निवासी महिला का परिवार ईएसआई में कवर है। महिला को दिमाग से संबंधित पुरानी दिक्कत है। 30 अप्रैल को वह ईएसआई में जुकाम और सिर दर्द होने की दवा लेने गई थी। जब महिला वहां पर पहुंची तो उसका कोरोना सैंपल लिया गया और उसे बिना दवा दिए घर भेज दिया गया। महिला उसी दिन से अपने घर पर थी। शनिवार रात को जैसे ही उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे अस्पताल लाया गया। ईएसआई कर्मियों की सूझबूझ से महिला का अचानक कोरोना टेस्ट हुआ और संक्रमण पकड़ा गया।

डाॅक्टर की समझदारी काम आई
आढ़ती को तीन दिन पहले खांसी और जुकाम था। वे मसीह अस्पताल में दवा लेने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट डॉक्टर्स को हिदायत दी हुई है कि अगर फ्ल्यू का कोई भी पेंशेंट आए तो उसे ट्रीट करने की बजाए सीधा उनके पास भेजें। डॉक्टर मसीह ने भी ये ही किया। उन्होंने सीधा उन्हें ईएसआई अस्पताल में भेजा। वहां पर उनका टेस्ट लिया गया और रिपोर्ट पॉजीटिव आई। यानी कि डॉक्टर की समझदारी से आढ़ती का तुरंत टेस्ट हो पाया।