घर जाने को निकले मजदूर खेतों में रहने को मजबूर

  • अपने घर जाने की आस में मजदूर थाने, डीसी आॅफिस, अस्पताल में पहुंचे, डांट खाकर लौटना पड़ा

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 07:04 AM IST

यमुनानगर. जैसे-जैसे लॉक डाउन बढ़ रहा है वैसे-वैसे प्रवासियों की बेचैनी भी बढ़ रही है। वे अपने घर जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं मिल रहा। क्योंकि लॉक डाउन में बाॅर्डर पार करना आसान नहीं है। कुछ तो अब घर जाने की परमिशन लेने के लिए थाने, कचहरी और अधिकारियों के पास जाने लगे हैं। सिविल अस्पताल में भी प्रवासी लोग इसी उम्मीद में पहुंच रहे हैं कि उन्हें शायद यहां से घर जाने की परमिशन मिल जाए। वहीं कुछ तो शनिवार को रेलवे स्टेशन पर ही पहुंच गए। उन्हें किसी ने गुमराह कर दिया कि सरकार ने उन्हें उनके घर पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई है। लेकिन वहां कुछ नहीं था। मरीज सड़कों किनारे, खेतों में और पशु चिकित्सालय में रुके हैं। कई के पास तो छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन्हें दूध तो दूर खाना तक नहीं मिल रहा है।
खेतों में रुके हैं लोग, लेकिन आगे जाने नहीं दे रहे| बहुत से लोग यूपी बाॅर्डर के पास खेतों में रुके हुए हैं। उन्हें आगे यूपी जाने नहीं दिया जा रहा है। हरियाणा पुलिस उन्हें रोक रही है। अगर कोई खेतों के रास्ते आगे चला जाता है तो उसे यूपी पुलिस पकड़ लेती है और बाद में वापस ही भेज दिया जाता है।
न पुलिस ने सुनी और डीसी ऑफिस गए तो वहां से भगा दिया गया| सदर यमुनानगर थाने पहुंचे राजू और गोपाल ने बताया कि वे घर जाना चाहते हैं, इसलिए थाने आए थे। लेकिन यहां सुनवाई नहीं हुई। उन्हें यहां से डीसी आॅफिस में भेज दिया। डीसी ऑफिस में गए तो वहां पर कहा गया कि यहां से भाग जाएं। वे रेलवे स्टेशन पर भी गए थे, लेकिन वहां से भी उन्हें भगा दिया गया। उन्हें यहां पर न तो सही खाना मिल रहा है और रोजगार भी उनका चला गया है।

सत्संग भवन में एंट्री नहीं मिली तो पशु चिकित्सालय में रुके
यूपी के अंबेडकरनगर निवासी शुभम यादव ने बताया कि हम 14 लोग हैं। सभी पंजाब में काम करते हैं। सभी को यूपी जाना है। पंजाब से पैदल चले थे। यूपी बाॅर्डर पर यूपी पुलिस ने रोककर कहा कि यमुनानगर में सत्संग भवन में उनके रुकने की व्यवस्था है और उन्हें एक ट्रक में बैठाकर यमुनानगर भेज दिया गया। तेजली के पास सत्संग भवन में जाने लगे तो उन्हें एंट्री नहीं मिली। इससे वे पास में ही पशु चिकित्सालय में रुके हैं। सत्संग भवन से उन्हें खाना तो दिया गया, लेकिन अंदर एंट्री नहीं दी गई।