केयू के 400 शिक्षकों व 1400 कर्मचारियों का वेतन अटका

  • केयू प्रशासन का तर्क-लॉकडाउन में बंद है यूनिवर्सिटी, नहीं आ रही फीस, वेतन जल्द जारी करने का कर रहे प्रयास

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 06:09 AM IST

कुरुक्षेत्र. कोरोना वायरस की महामारी का असर अब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन पर भी दिखने लगा है। पिछले डेढ़ महीने से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पूरी तरह बंद है। ऐसे में यूनिवर्सिटी में हर महीने विद्यार्थियों की ओर से जमा करवाई जाने वाली फीस का एक रुपया भी नहीं आ पाया है। मई की 3 तारीख बीत चुकी है और अब तक कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पाया है।
कई शिक्षकों व कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सोमवार को वेतन उनके खातों में डल जाएगा लेकिन जब केयू के अधिकारियों से बातचीत की गई तो वेतन जारी होने को लेकर वे कोई जवाब नहीं दे पाए। केयू के शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों का एक महीने का वेतन 15 करोड़ रुपए के करीब बनता है। हर साल मार्च के आखिरी सप्ताह में होने वाली बजट मीटिंग भी इस बार नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि हर साल 31 मार्च तक आगामी वित्त वर्ष के बजट को लेकर ईसी और कोर्ट की बैठक होती है। जिसमें यूनिवर्सिटी का बजट पास होता है जिसमें सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी को मिलने वाले पैसे और यूनिवर्सिटी के अपने संसाधनों से की जाने वाली कमाई के साथ-साथ पूरे खर्च को भी प्रस्तुत किया जाता है। इस बार कोरोना के कारण बजट मीटिंग को भी आगे बढ़ाया गया है। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की ईसी की 29 मार्च 2019 को हुई बैठक में 89 करोड़ रुपए के घाटे का बजट पारित हुआ था । केयू का पिछले वित्त वर्ष का कुल बजट 476.72 करोड़ रुपए था। जिसमें से प्रदेश सरकार की ओर से 108 करोड़ रुपए की ग्रांट यूनिवर्सिटी को दी गई थी। वहीं केयू प्रशासन की ओर से अपने संसाधनों के माध्यम से 279.72 करोड़ रुपए की कमाई की थी। केयू कर्मचारी भारत भूषण, संत कुमार और रविंद्र तोमर ने बताया कि कर्मचारियों को इस महीने समय पर वेतन की सबसे अधिक जरूरत होती है। इसका कारण कर्मचारी इस महीने के वेतन से अपनी पूरे साल की गेहूं खरीद करते हैं । उन्होंने कहा कि इस बार गेहूं खरीद के लिए लोन भी कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है। संत कुमार ने कहा कि गेहूं का सीजन बीतने को है। ऐसे में केयू प्रशासन को जल्द से जल्द कर्मचारियों का वेतन जारी करना चाहिए। केयू प्रवक्ता डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि केयू प्रशासन की ओर से शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वेतन कब जारी होगा के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बारे में नहीं बताया जा सकता लेकिन जल्द वेतन जारी हो, इसकी व्यवस्था बनाई जा रही है।

छठे वेतन आयोग का एरियर देने के बाद आर्थिक स्थिति बिगड़ी
केयू ने छठे वेतन आयोग के समय एरियर के करीब 106 करोड़ रुपए बांटा था, लेकिन सरकार की ओर से केयू को एरियर के 106 करोड़ की एवज में पैसे नहीं मिल पाए। इससे केयू की आर्थिक स्थिति बिगड़नी शुरू हो गई। केयू प्रशासन की ओर से कई बार एरियर के इन पैसों की मांग भी सरकार से की गई। लेकिन पैसे नहीं मिले।