कचरा जलाने पर लगेगा 500 रुपये जुर्माना, प्लास्टिक प्रबंधन के दिए आदेश

  • एडीसी ने सभी पंचायतों काे आदेश भेजकर सख्ती से पालन करने को कहा

भिवानी. कोविड-19 महामारी संक्रमण से बचाव को लेकर एडीसी डॉ. मनोज कुमार ने सभी ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक कचरा प्रबंधन करने के निर्देश दिए है। हरियाणा पंचायत राज प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत गांवों में निजी स्थान पर भी प्लास्टिक कचरा जलाने पर 500 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। एडीसी ने सभी ग्राम पंचायतों को इन आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एडीसी ने आदेशों में कहा है कि ग्राम पंचायत काे स्वच्छता की शर्तों को नियंत्रित करना होता है और किसी भी महामारी को रोकने में उपचारात्मक और निवारक उपाय करने होते हैं। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के दौरान भी पंचायतों को अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने ने पंचायतों काे कहा है कि किसी भी वस्तु को लपेटने के काम आने वाले प्लास्टिक की मोटाई 50 माइक्रोन से कम न हो। पूर्ण नवीनीकरण प्लास्टिक से बने उत्पाद का उपयोग खाने या पीने की वस्तुओं के भंडारण, ढुलाई, वितरण व पैकेजिंग में न हो। प्लास्टिक से निर्मित पाउच का उपयोग गुटका, पान, मसाला व तंबाकू के भंडारण, पैकिंग या बिक्री के लिए नहीं किया जाएगा। प्लास्टिक कचरा, जिसका पुन नवीनीकरण किया जा सकता है, को पंजीकृत प्लास्टिक अपशिष्ट पुनर्नवीकरण करने वाली यूनिट के पास भेजा जाएगा। पुनर्नवीनीकण नहीं किया जा सकने वाले प्लास्टिक कचरे को रिफ्यूज ड्राइव फ्यूल प्लांट या किसी भी अन्य तकनीक से व्यवस्थित किया जाएगा।

इस तरह लगेगा जुर्माना

उपायुक्त द्वारा निर्देशानुसार बिना किसी लेबल के गलनशील प्लास्टिक की बिक्री करने वाले पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसी प्रकार से किसी भी निजी स्थान पर प्लास्टिक कचरा जलाने पर 500 रुपये जुर्माना, सार्वजनिक स्थान पर प्लास्टिक कचरा जलाने पर 1000 रुपये, संस्थान अथवा प्रतिष्ठान में प्लास्टिक कचरा जलाने पर 2000 रुपये, घर उत्पन्न कचरे में प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग न करने पर 100 रुपए, फ्लैट अथवा घरों में समूह द्वारा उत्पन्न घरेलू कचरे को अलग-अलग न करने पर 500 रुपये और थोक कचरा उत्पादक व संस्थान द्वारा उत्पन्न कचरे में से प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग न करने पर 2000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।