अपने प्रदेश लौटना है तो पोर्टल पर दें जानकारी, प्रशासन करेगा भेजने में मदद

  • जन सहयोग हेल्प मी एप पर भी दे सकते हैं ब्यौरा, प्रवासी मजदूरों को करना होगा सोशल डिस्टेंस का पालन

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 06:29 AM IST

कुरुक्षेत्र. लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों के कई लोग जिले में फंसे हैं। वहीं पहले चरण में पंजाब व दूसरे राज्यों से जीटी रोड से होकर पैदल जाने वालों को प्रशासन ने शैल्टर होम बनाकर रखा था। इनमें से अधिकांश को कुछ दिन पहले ही प्रशासन वापस भिजवा चुका है। अब भी सैकड़ों लोग जिले में फंसे हैं। ये लोग भी वापस जाना चाहते हैं। अब ऐसे लोगों से प्रशासन जानकारी जुटा रहा है। वापस जाने के इच्छुक लोगों को प्रशासन को अपना पूरा ब्यौरा देना होगा। इसके बाद इन लोगों को वापस भेजने के लिए आगामी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने इसके लिए एक लिंक भी जारी किया है। लोग ईडआईएसएचएडाटजीओवीडाटइन, ई फॉर्मस, माईग्रेटसर्विस पर जानकारी दे सकते हैं।
डीसी धीरेन्द्र खड़गटा ने कहा कि दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूरों, पर्यटक, छात्रों तथा अन्य नागरिकों को उनके गृह राज्य में भेजने के लिए सरकार की ओर से यह व्यवस्था की जा रही है।
अपने लोगों को भी लाएगा प्रशासन : इसके साथ ही हरियाणा का भी कोई नागरिक अगर दूसरे राज्यों में फंसा है तो उसे भी इस लिंक पर जाकर अपनी जानकारी देनी होगी। उन्होंने बताया कि जिले में अगर कोई दूसरे राज्य का नागरिक है और वह घर जाना चाहता है तो वह वहीं से इस लिंक पर क्लिक करके संबंधित जानकारी दे।
हेल्प मी एप पर भी दें सूचना : डीसी ने कहा कि एक दूसरे राज्यों में आने वह जाने के लिए सरकार द्वारा केंद्रीय कृत प्रणाली शुरू की है ताकि गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों अनुसार इन्हें लाने व ले जाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हो सके इसके लिए पंजीकरण करवाना होगा। जनसहायक हेल्प मी एप पर भी जानकारी दे सकते हैं।

सभी श्रमिकों या नागरिकों की कराई जाएगी स्क्रीनिंग
किसी भी प्रवासी मजदूर तथा छात्र व नागरिक को कहीं पर जाने की जरूरत नहीं है। वह फिलहाल जहां भी जिस गांव या शहर में रह रहे हैं। वहीं से अपने मोबाइल से इस लिंक पर क्लिक करके अपनी सारी जानकारियां दे सकते हैं। इसके बाद उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। कहा कि कोई भी व्यक्ति यहां-वहां न घूमे बल्कि जहां पर भी वे काम कर रहे हैं। वहीं पर रहें और वहां से यह जानकारी उपलब्ध करवाएं। इन नागरिकों को पहुंचाने के लिए नोडल अधिकारी लगाए हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश अनुसार सभी श्रमिकों या नागरिकों की स्क्रीनिंग होगी इसके बाद गंतव्य पर पहुंचने पर यात्रियों की फिर से स्क्रीनिंग होगी। उन्हें एकांतवास में रहने को कहा जाएगा। सभी नागरिकों को जहां वे रह रहे हैं वहीं से भेजने की व्यवस्था की जाएगी। किसी रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर खुद से आने की जरूरत नहीं है। अगर कोई ऐसा प्रवासी जो अपनी मर्जी से किसी बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर पहुंचता है तो उसे नहीं भिजवाया जा सकेगा। संबंधित नागरिक को इस लिंक पर क्लिक करके अपनी सारी जानकारी पहले देनी होगी।