हेलाे! सर प्लीज सैलून खुलवा दीजिए, दाढ़ी बड़ी हो गई है

  • रेलवे की हेल्पलाइन पर महिलाएं पार्लर खुलवाने की भी मांग कर रहीं, रेलवे कर्मचारी समझा रहे

चरखी. लाॅकडाउन के दाैरान रेलवे के कंट्राेल रूम में अजब-गजब तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। कुछ पुरुष ताे अब सैलून की दुकान से तो महिलाएं ब्यूटी पार्लर तक काे खुलवाने की मांग कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यदि सैलून नहीं खुले ताे वह लाेग लाॅकडाउन के बाद साधु की तरह बड़ी बड़ी दाढ़ी लेकर निकलेंगे। यही नहीं एक महिला ने ताे पार्लर खुलवाने के बदले पांच हजार रुपए देने का भी ऑफर दे डाला। हालांकि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी किसी तरह लाेगाें काे समझा रहे हैं।
लाॅकडाउन में मेडिकल स्टाेर, किरयाणा की दुकानाें व अन्य जरूरत की दुकानों काे छाेड़कर बाकी बंद हैं। लाेग, महिलाएं भी हेयर कटिंग के लिए सैलून व ब्यूटी पार्लर पर नहीं जा पा रहे हैं। इस तरह के मामलाें की बानगी।

कॉलर कहते हैं लाॅकडाउन के बाद ताे साधु की तरह बढ़ी दाढ़ी के साथ घर से निकलेंगे

  • हिसार के जहाजपुल के पास रहने वाले एक युवक ने काॅल कर बताया कि सर, लाॅकडाउन के कारण सैलून नहीं खुल रहे हैं। कब तक घर पर ऐसे ही बैठे रहें। दाढ़ी ताे बना लें, लेकिन हेयर कटिंग कहां से करें। अगर यही हाल रहा ताे लाॅकडाउन के बाद घराें से साधु तरह बढ़ी दाढ़ी मूछों के साथ ही निकलेंगे। प्लीज सैलून काे खुलवा दीजिए।
  • अर्बन एस्टेट की रहने वाली महिला ने हेल्पलाइन पर काल कर बताया कि लाॅकडाउन के दाैरान ही शहर में कम से कम एक ब्यूटी पार्लर ताे खुलवा दीजिए सर। सप्ताह में दाे बार ब्यूटी पार्लर जाती थी।
  • ऋषि नगर के एक युवक ने हेल्पलाइन पर काॅल कर कहा कि लाॅकडाउन के कारण डेढ़ माह से उसने सेविंग नहीं कराई है। जिसके कारण बाल बहुत बड़े हाे गए हैं। यदि यही हाल रहा ताे वह साधु की तरह लाॅक डाउन के बाद घर से निकलेगा। जल्द से जल्द सैलून की दुकान खुलवाने की गुहार लगाई।
  • आजाद नगर की महिला ने काॅल कर कहा कि डेढ़ माह से वह ब्यूटी पार्लर नहीं जा सकी है। प्लीज काेई एक पार्लर खुलवा दीजिए। यह चार मामले ताे बानगी मात्र है। इस तरह की अजब-गजब काॅल प्रतिदिन हेल्पलाइन पर पहुंच रही है। हालांकि अधिकारी और कर्मचारी किसी तरह लाेगाें काे समझाते हैं। उन्हें बताया जाता है कि लाॅकडाउन के बाद ही सैलून से लेेकर ब्यूटी पार्लर खुलने संभव है।

रेलवे हेल्पलाइन पर प्रतिदिन अजब-गजब काॅल आ रही है। लाेगाें काे किसी तरह समझाया जाता है। जरूरतमंदों काे सामान उपलब्ध कराने के लिए अलग से कर्मचारियाें की ड्यूटी लगाई गई है। जरूरतमंदों काे किसी भी तरह की परेशानी न हाे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।'' -संजय श्रीवास्तव, डीअारएम, बीकानेर डिविजन।