गेहूं खरीद के 12 दिन बाद भी आढ़तियों को नहीं मिली पेमेंट, आढ़ती हो रहे परेशान

अम्बाला. गेहूं की खरीद के 12 दिन बीत जाने के बाद भी अनाज मंडी के आढ़तियों को पेमेंट नहीं मिल सकी। इस कारण आढ़ती और किसान दोनों परेशान हैं। हालांकि खरीद एजेंसी 20-21 अाैर 22 अप्रैल की पेमेंट बैंक में डालने की बात कह रही है, लेकिन अभी तक आढ़तियों को 2 दिन की पेमेंट ही मिल सकी है। वहीं सरकार ने अब ई-खरीद के माध्यम से पूर्ण समर्थन मूल्य का भुगतान किसान के खाते में करने की योजना बनाई है। इस स्कीम में यदि आढ़ती को किसान से कोई अग्रिम वसूली करनी है तो आढ़ती ई पोर्टल पर उस वसूली को दर्ज करेगा। इसके लिए एक फार्म पर आढ़ती ओर किसान दोनों के के हस्ताक्षर होंगे। 20 अप्रैल को सरकार ने अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू की थी। जिसके चलते खरीद एजेंसी हैफेड अब तक 3 लाख 1 हजार 70 बैग गेंहूं खरीद चुकी है।
लेनदेन का हिसाब भी रखेगी सरकार: अगर आढ़ती को किसान से कोई अग्रिम राशि वसूल करनी है तो ई खरीद पोर्टल पर दो दिन में उस वसूली को आढ़ती दर्ज करेगा। इसके बाद वसूली की राशि ई-खरीद के माध्यम से आढ़ती के खाते मे भेज दी जाएगी। वहीं आढ़ती ई-खरीद पर कोई वसूली नहीं करेंगे तो पूर्ण समर्थन मूल्य का भुगतान किसान के खाते में बिना किसी वसूली के जारी कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कंसेंट फार्म पर पूरी डिटेल बतानी होगी। इस फार्म पर आढ़ती और किसान दोनों के हस्ताक्षर होंगे। आढ़ती इस फार्म को मंडी बोर्ड के पास जमा करवाएगा।

सरकार नई प्रक्रिया से करेगी फसल का भुगतान
रबी के सीजन में खरीद की जाने वाली गेहूं की फसल को लेकर सरकार नई प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने पत्र हैफेड, हरियाणा भंडारण निगम को लिखा है। इसमें लिखा है कि खरीद एजेंसियों के सभी भुगतान ई-पोर्टल से किए जाएंगे। एक जिले में एक बार एक दिन के भुगतान की प्रक्रिया होगी। खरीद एजेंसी अपनी जरूरत के मुताबिक जिले के नोडल खाते में पैसे का इंतजाम करेगी। जिसमें से आढ़तियों और किसानों का भुगतान किया जाना है। जो बैंक ई-खरीद में भागीदार है और व्यवस्था से जुड़े हैं या ई-खरीद से नहीं जुड़े हैं। इसके लिए बैंकों को दो श्रेणियों में बांटा गया है।
पोर्टल में खराबी के कारण पेमेंट में देरी हुई है। अब 20, 21 और 22 अप्रैल की पेमेंट दे दी गई है। बाकी पेमेंट जल्द दे गई जाएगी।
पुरुषोत्तम कुमार, मैनेजर, हैफेड।