गिरते जलस्तर के चलते बड़ा फैसला, इन 7 जिलों में किसान पट्टे पर जमीन लेकर नहीं लगा पाएंगे धान

  • करनाल, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर व सोनीपत जिला किया शामिल
  • उपायुक्तों, डीडीपीओ और बीडीपीओ के नाम पत्र जारी, फील्ड अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने धान की रोपाई से पहले ही 7 जिलों में पट्टे पर जमीन लेकर धान लगाने वाले किसानों पर रोक लगाने की तैयारी कर ली है। इन जिलों में करनाल, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर व सोनीपत जिला शामिल है। यह फैसला गिरते जलस्तर के चलते लिया गया है।

विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव द्वारा इन 7 जिलों के उपायुक्तों, डीडीपीओ तथा बीडीपीओ के नाम जारी एक पत्र में कहा गया है कि हरियाणा के उपरोक्त सात जिलों के आठ ब्लाकों में पट्टे पर जमीन लेकर धान की पैदावार पर रोक लगा दी है। फील्ड अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपने-अपने क्षेत्र का दौरा करके यह तय करें कि किसान धान की पैदावार न करें।

हरियाणा सरकार ने करनाल जिला के असंध ब्लाक, कैथल जिला के पुंडरी, जींद के नरवाना, कुरूक्षेत्र के थानेसर, अंबाला जिला के अंबाला व साहा, यमुनानगर जिला के रादौर तथा सोनीपत जिला के गन्नौर ब्लाक को संवेदनशील घोषित किया है।