कैंट के किसानों की पांच करोड़ की पेमेंट जारी एक करोड़ की बकाया, ई-खरीद पोर्टल से आढ़तियों ने नहीं कराया अकाउंट लिंक

  • हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड ई-खरीद पोर्टल के जरिए जिले में 25 करोड़ की पेमेंट जारी

अम्बाला. हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड किसानों की पेमेंट ई-खरीद पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आढ़तियों के अकाउंट में कर रहा है। खरीद एजेंसी हैफेड 25 करोड़ की पेमेंट आढ़तियों के अकाउंट में ट्रांसफर कर चुकी है। मार्केट कमेटी कैंट की बात करें ताे ई-खरीद पोर्टल के जरिए पांच करोड़ की पेमेंट 34 आढ़तियों को जारी हो चुकी है। यह पेमेंट 20 से 22 अप्रैल की है। अभी 23 अप्रैल से 2 मई तक की पेमेंट होना बाकी है। पेमेंट जारी नहीं होने के पीछे एक वजह ऐसे आढ़ती भी हैं, जिन्होंने ई-खरीद पोर्टल से अपना अकाउंट नंबर लिंक नहीं कराया है। इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक और सेंट्रल बैंक आफ इंडिया अभी ऐसे बैंक हैं जो पोर्टल से लिंक नहीं हुए है। आढ़ती पुराना अकाउंट नंबर दे रहे हैं जो लिंक नहीं हुए बैंक के हैं। इसलिए कैंट मार्केट कमेटी से जुड़े किसानों की एक करोड़ की पेमेंट लटकी हुई है।
मार्केट कमेटी में 48 लाइसेंसी आढ़ती हैं जो आढ़त का काम करते हैं। मंडी में 38 आढ़ती इस बार काम-काज कर रहे हैं। बचे 10 आढ़तियों के पास या तो इस सीजन में गेहूं नहीं पहुंची या फिर उन्होंने इस बार काम नहीं किया है। सरकार और आढ़तियों के बीच में टकराव भी एक कारण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार ने ई-खरीद पोर्टल के जरिए ही पेमेंट करने का फरमान सुना चुकी है। सरकार के सख्त रुख के चलते ई-पोर्टल से एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, इंडसइंड बैंक, काेटेक महिंद्रा, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यस बैंक, स्टेट बैंक अाफ इंडिया लिंक हो चुके हैं। इसलिए इन बैंकों के अकाउंट होल्डर आढ़तियों ने ई-पोर्टल से अपना अकाउंट लिंक करा लिया है। इसलिए पेमेंट करने में कोई दिक्कत भी नहीं आई है। मंडी के छह आढ़ती ऐसे हैं जिनके अकाउंट लिंक नहीं हुए हैं। हैफेड को इन आढ़तियों ने पुराना अकाउंट नंबर दिया हुआ है। यदि सोमवार को बचे हुए 3 बैंक भी लिंक हो जाते हैं तो 6 आढ़तियों से जुड़े किसानों की पेमेंट भी हो जाएगी।
90 हजार क्विंटल गेहूं पहुंची
अम्बाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर नई अनाज मंडी में 20 अप्रैल से 3 मई तक 90 हजार क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। बीते साल मंडी में 1.42 लाख क्विंटल गेहूं आई थी। कोरोना वायरस के चलते मंडी में गेहूं की खरीद 30 जून तक तक चलेगी। प्रदेश सरकार ने मंडी में देरी से गेहूं लेकर जाने वाले किसानों को बोनस देने की एक प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजी हुई है फिलहाल बोनस देने पर कोई फैसला सरकार ने नहीं किया है।
कोट॰स
हमने जिले में 25 करोड़ की पेमेंट मंडी के आढ़तियों को कर दी है बाकी पेमेंट भी जल्द ही जारी कर दी जाएगी। मंडियों में आवक खराब मौसम के चलते कम हुई है।
वीपी मलिक, डीएम, हैफेड अम्बाला।