कृषि विभाग ने किसानों को 7 मई तक नरमा की बिजाई न करने के दिए निर्देश

  • परिवर्तनशील मौसम ने बढ़ाई किसानों व आढ़तियों की चिंता

चरखी. पिछले दो दिन पहले मौसम विभाग की और से जारी की गई चेतावनी के बाद रविवार को जिलेभर में हल्की बारिश हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी खरीद केद्रों पर रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए व्यवस्थाएं न के बराबर ही रही। रविवार को शाम चार बजे हुई हल्की बारिश से खरीद केंद्र पर रखी सरसों व गेहूं भीग गए।
वहीं खेतों में हुई जहां नरमा की बिजाई हुई है वहां भी किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। कृषि विभाग द्वारा किसानों को 7 मई तक नरमा की बिजाई न करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग के एडीओ नितिन जांगड़ा ने बताया कि जिले में इस समय नरमा की बिजाई का समय चल रहा है। ऐसे में बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि बारिश के कारण नरमे की बिजाई वाले खेतों में पपड़ी बन जाती है। जिसके कारण बीज अंकुरित नहीं पाता है। ऐसे में किसानों को दोबारा से बिजाई करनी पड़ सकती है। कृषि
विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौसम 7 मई तक खराब रहने के आसार है तब तक किसानों को बिजाई नहीं करनी चाहिए। नरमे की बिजाई का सही समय 20 मई तक होता है किसानों को मौसम साफ होने के बाद ही बिजाई करनी चाहिए।
खरीद केंद्रों पर नहीं है तीरपाल की व्यवस्था: पिछले सप्ताह हुई हल्की बूंदाबांदी के समय भी खरीद केंद्रों पर तीरपाल की व्यवस्था नहीं थी। उस समय भी किसानों की फसले खुले आसमान के तले ही रखी थी। और अब हुई हल्की बारिश में भी स्थिति वहीं है सरसों खरीद केंद्र पर लगभग 28 हजार 701 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। जिसमें 13 हजार 659 क्विंटल सरसों का उठान हुआ है। खरीद केंद्र पर रखी 15 हजार क्विंटल सरसों बारिश में भीग चुकी है। कुछ आढ़तियों ने सरसों के बैग पर तीरपाल ढ़के हुए थे तो वहीं आधी से ज्यादा सरसों केे बैग व ढ़ेर बारिश में भीग रहे थे।

आढ़तियों को बारिश से फसलों को बचाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं मार्केट कमेटी की तरफ से 12 तीरपाल खरीद केंद्र पर उपलब्ध करवाएं गए है लेकिन ढ़ेर ज्यादा होने व आढ़तियों ने अपने स्तर पर कोई प्रबंध नहीं करने के कारण ही सरसों भीगी है।'' -राजकुमार, सुपरवाइजर खरीद केंद्र झोझू कलां।