15 से नहीं खुलेंगे ज्यादातर प्राइवेट स्कूल, पेरेंट्स की अनुमति व नोटिफिकेशन के इंतजार में प्रबंधन

50 स्कूलों में से 30 ने साफ मना किया, 5 का मन है लेकिन नोटिफिकेशन का इंतजार, बाकी वेट एंड वॉच। स्कूल संचालक बोले- ज्यादातार पेरेंट्स राजी नहीं। एसोसिएशन की मांग- बच्चों की जिम्मेदारी सरकार ले।

15 से नहीं खुलेंगे ज्यादातर प्राइवेट स्कूल, पेरेंट्स की अनुमति व नोटिफिकेशन के इंतजार में प्रबंधन

      अनलॉक-5 के तहत 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने को लेकर केंद्र सरकार ने भले ही गाइड लाइन जारी की है। लेकिन अम्बाला में ज्यादातर स्कूल संचालक अभी स्कूल खोलने के मूड में नहीं दिख रहे। हर घर में बातचीत का यही टॉपिक है कि स्कूल खुलेंगी या नहीं। अम्बाला के करीब 50 प्रमुख स्कूलों में संपर्क कर पूछा क्या वे स्कूल खोलने को तैयार हैं। ज्यादातर स्कूल अभी इंतजार करने की बात कह रहे हैं। बहुत से स्कूल संचालकों ने कहा कि पेरेंट्स ही अभी बच्चों को भेजने पर सहमति नहीं जता रहे। असल में केंद्र ने भी गाइड लाइन में कहा है कि छात्र माता-पिता की लिखित सहमति से ही स्कूल आ सकते हैं। छात्र चाहें तो स्कूल के बजाय ऑनलाइन कक्षाएं करते रह सकते हैं। यदि स्कूल खोलने हैं तो सुरक्षा के सभी मानक अपनाने होंगे।

स्कूल संचालकों का कहना है कि जब तक सरकार काेई गाइडलाइन जारी नहीं करती या स्कूल खाेलने पर काेई क्लियर निर्देश नहीं देती, तब तक स्कूल नहीं खाेले जाएंगे। पेरेंट्स भी स्कूलाें में अपने बच्चे भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। कई स्कूल पेरेंट्स से एक बार ताे बच्चे भेजने के लिए पूछ चुके हैं, अब दाेबारा से अनुमति लेने के लिए फार्म दिए जा रहे हैं। हालांकि 70 प्रतिशत से ज्यादा पेरेंट्स अभी भी बच्चाें काे स्कूल नहीं भेजना चाहते। कुछ संचालक 15 अक्टूबर से स्कूल खाेलने के लिए तैयार हैं, मगर उन स्कूलाें काे भी सरकार की नोटिफिकेशन का इंतजार है।

डाउट क्लियर करने के लिए बुला सकते हैं बच्चे: डीईओ

प्राइवेट और सरकारी स्कूलाें में सिर्फ डाउट क्लियर करने के लिए ही सीनियर कक्षाओं के बच्चाें काे बुलाया जा सकता है। स्कूलाें में बच्चाें की कक्षाएं लगाने के लिए सरकार की तरफ से अभी काेई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुई है। सरकार के निर्देश मिलने के बाद ही कक्षाएं लगाई जा सकती हैं।   -सुरेश कुमार, डीईओ, अम्बाला।

सरकार प्राइवेट स्कूलों को भी सेनिटाइज कराए: शर्मा

सभी स्कूल प्रबंधक स्कूल खोलने को तैयार हैं। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। अगर सरकार सरकारी स्कूलों को सेनिटाइज करवाती है तो प्राइवेट स्कूलों को भी सेनिटाइज करवाए।-कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन

स्कूलाें काे इन बाताें का डर

क्याेंकि... सरकार ने कुछ क्लियर नहीं किया

  • स्कूल कहते हैं कि सरकार ने माैखिक ताैर पर कहा है कि स्कूल 15 अक्टूबर से खाेल सकते हैं, मगर काेई लिखित में नोटिफिकेशन नहीं आई।
  • सीबीएसई और डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन ने भी काेई पत्र जारी नहीं किया।
  • नाेटिफिकेशन के बिना स्कूल खाेल भी लिए और अचानक स्कूल में किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ गई ताे जवाब देना मुश्किल हाे जाएगा।
  • पेरेंट्स ही अनुमति नहीं दे रहे, ऐसे में स्कूल कैसे खाेल सकते हैं।
  • कई स्कूलाें में 5 प्रतिशत, कुछ में 30 ताे कहीं 50 प्रतिशत पेरेंट्स ही अनुमति दे रहे।
  • लगातार काेराेना आने से पेरेंट्स और स्कूल में डर बना हुआ है।