10 साल में ऐसा चौथी बार है, हरियाणा में मौसम: मानसून का आखिरी महीना सितंबर उम्मीदों पर नहीं उतरा खरा।

10 साल में ऐसा चौथी बार है, जब सितंबर में मॉनसून (Monsoon) सबसे कम बरसा है हरियाणा में मौसम: मानसून का आखिरी महीना सितंबर उम्मीदों पर नहीं उतरा खरा हरियाणा में मौसम (AP Photo/Manish Swarup) चंडीगढ़. हरियाणा के लोग गर्मी से उमस से परेशान है. उम्मीद थी कि सिंतबर के महीने में मानसून (Monsoon) के जाते जाते अच्छी बारिश (Rain) होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मानसून का आखिरी महीना सितंबर उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. पिछले 10 साल में ऐसा चौथी बार है, जब सितंबर में मॉनसून सबसे कम बरसा है. हरियाणा में 1 से 22 सितंबर तक औसतन 21.9 मिमी. बारिश हुई है, जो सामान्य से 68% कम है. इस अवधि में 68.9 मिमी. बारिश सामान्य मानी जाती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब इस माह में बड़ी बारिश की उम्मीद बहुत कम ही हैं, क्योंकि मानसून की सक्रियता अधिक नहीं है. 23 सितंबर को कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं. यह सीजन की आखिरी बारिश हो सकती हो सकती है. सितंबर में हुई कम बारिश सितंबर के आखिरी सप्ताह में मानसून हरियाणा से विदाई ले लेगा. भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ सेंटर के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार, सितंबर में कम बारिश हुई है, जबकि पूरे मॉनसून सीजन को देखें तो सामान्य बारिश हुई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर में कम बारिश का बड़ा कारण मानसून की सक्रियता कम होना है. 1 जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन में 22 सितंबर तक 373.1 मिमी. बरसात हुई है, जो सामान्य से 13% कम है. इस अवधि में 428.9 मिमी. बारिश सामान्य मानी जाती है. कुल मिलाकर पिछले 10 सालों में मानसून की बारिश सबसे अच्छी मानी जा रही है. 23 सितंबर को यहां हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा और यूपी के कई इलाकों में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है. बता दें कि इस साल सामान्य से 7 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, लेकिन उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. बता दें कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हुई है. उससे तापमान में वृद्धि हो गई है. लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं.

10 साल में ऐसा चौथी बार है, हरियाणा में मौसम: मानसून का आखिरी महीना सितंबर उम्मीदों पर नहीं उतरा खरा।