यूनिवर्सिटी में आर्थिक संकट, कर्मियों का वेतन रोका

यूनिवर्सिटी में आर्थिक संकट, कर्मियों का वेतन रोका

रोहतक: कोरोना काल के कारण महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय और पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शिक्षक, गैर शिक्षक व अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन नहीं मिला है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन भी वेतन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। ऐसे में एमडीयू में तो जहां गैर शिक्षक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, वहीं हेल्थ यूनिवर्सिटी में सभी संगठनों ने कुलपति से मुलाकात कर वेतन जारी करने की मांग की है। साथ ही शीघ्र वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल पर जाने का एलान भी कर दिया है। वेतन रोकने के पीछे विश्वविद्यालय के खजाने खाली होने के संकेत हैं।

दो दिन इंतजार के बाद करेंगे यूनिवर्सिटी बंद

एमडीयू गैर शिक्षक संघ के प्रधान कुलवंत मलिक के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन के बाहर गेट मीटिग की। इसमें पूर्व प्रधान के अलावा अन्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। वेतन नहीं मिलने के विरोध में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधान कुलवंत मलिक के नेतृत्व में बाद में कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा के साथ मुलाकात की और दो दिन तक वेतन का इंतजार करने का करने की बात करते हुए यूनिवर्सिटी को बंद करने अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने बताया कि एमडीयू में गैर शिक्षक संघ के करीब 1400 कर्मचारी हैं। एक तारीख को वेतन जारी हो जाता है। लेकिन पांच तारीख के बाद भी वेतन की उम्मीद प्रशासन की तरफ से नहीं दिख रही है।

25 तारीख तक मिलता था वेतन

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ, गैर शिक्षक संघ, नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सितंबर का वेतन नहीं मिलने पर कुलपति डा. ओपी कालरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 25 तारीख तक वेतन जारी हो जाता था। लेकिन इस बार वेतन नहीं मिला। अगस्त का वेतन भी 5 अक्टूबर को जारी कर दिया, लेकिन सितबर का वेतन नहीं दिया गया है। कोरोना महामारी में संस्थान के शिक्षक, गैर शिक्षक व नर्सिंग स्टॉफ ने अपनी जिदगी पर खेलकर मरीजों का इलाज किया। लेकिन अब उनको वेतन ही समय पर नहीं मिल रहा है। इससे आर्थिक दिक्कतें खड़ी होना शुरू हो गई है। अगर शीघ्र वेतन नहीं मिला तो मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपना पड़ेगा।

इस मौके पर शिक्षक संघ प्रधान डा. आरबी जैन, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान तारीफ सिह, महासचिव संजय सिंहमार, नर्सिग एसोसिएशन प्रधान अशोक यादव व महासचिव सुषमा दुआ ने कुलपति से मुलाकात की।

वेतन संबंधी समस्या मेरे संज्ञान में है। शीघ्र इसका कोई समाधान निकाला जाएगा। शिक्षक, गैर शिक्षक व अन्य कर्मचारियों के वेतन को लेकर प्रशासन गंभीर है। -डा. ओपी कालरा, कुलपति, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि, रोहतक वर्जन

राज्य सरकार के वित्त विभाग से ग्रांट के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही ग्रांट जारी होगी, तभी वेतन जारी कर दिया जाएगा। -प्रो. गुलशन तनेजा, कुलसचिव, एमडीयू, रोहतक

ए- ग्रेड विवि के कर्मियों को वेतन नहीं मिलना निदनीय : डूमोलिया

आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह डूमोलिया ने कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने कहा कि ए-ग्रेड विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलना निदनीय है। विवि में भारी-भरकम बजट होता है, वो कहां पर खर्च किया गया। बजट की जांच होनी चाहिए। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की विफलता है, उनको नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। वेतन नहीं मिलने का मामला विवि के इतिहास में पहली बार सामने आया है। खास बात यह कि कर्मियों को वेतन नहीं, लेकिन कुलपति आवास पर नवीनीकरण पर मोटा पैसा खर्च किया जा रहा है। इस अवसर पर दिनेश कुमार ओहल्यान, कमलजीत सिंहमार, अजय कटारिया, सोमबीर मेहरा, मुकेश घडोठी इत्यादि शामिल रहे।

इनसो करेगा आंदोलन : प्रदीप

इनसो के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने कहा कि जब विवि में आर्थिक संकट है तो फिर कुलपति के आवास पर निर्माण व नवीनीकरण को लेकर लाखों रुपये का बजट कहां से आया है। कर्मचारियों को वेतन जरूरी है या कुलपति के आवास का सुंदरीकरण। इससे विवि प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इनसो इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करता है। शीघ्र कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला तो वे आंदोलन करने में भी पीछे नहीं हटेंगे।