भाजपा नेता रमेश वाल्मीकि की झज्जर स्थित गैस एजेंसी पर सीएम फ्लाइंग ने मारा छापा, 106 सिलेंडर जब्त

भाजपा नेता रमेश वाल्मीकि की झज्जर स्थित गैस एजेंसी पर सीएम फ्लाइंग ने मारा छापा, 106 सिलेंडर जब्त
कच्चा बेरी रोड एजेंसी से सिलेंडरों को जब्त करती सीएम फ्लाइंग की टीम।
  • गैस गोदाम में ही रखे जा सकते हैं इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर, शहर में एजेंसी पर रखने पर सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई
  • भ्रष्टाचार के शक में की गई छापेमारी 

कच्चा बेरी रोड स्थित भाजपा नेता रमेश वाल्मीकि की रमेश गैस एजेंसी के कार्यालय पर बुधवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने छापा मारा। सीएम फ्लाइंग की टीम ने यहां पर गलत तरीके से रखे 106 सिलेंडरों को जब्त कर लिया। आरोप है कि आबादी क्षेत्र में गैस से भरे हुए इतनी संख्या में सिलेंडर आम लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं। सिलेंडरों को गोदाम में होना चाहिए था। अब टीम आगे की जांच करेगी।

दूसरी ओर गैस एजेंसी संचालक रमेश वाल्मीकि ने बताया कि गोदाम बदलने के कारण कुछ सिलेंडर उनके यहां रखे रह गए थे और ट्रांसपोर्टेशन की दिक्कत की वजह से यह सब हुआ। वे टीम के सामने अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि सीएम फ्लाइंग की टीम इन दिनों हर जिले में भ्रष्टाचार की शिकायत पर छापेमारी कर रही है।

कहीं अवैध शराब का गोदाम पकड़ा जा रहा है तो कहीं पर पटाखों का। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार के शक में यह छापेमारी की गई थी। अब आगे की जांच में यह साफ होगा कि यहां पर कितनी गड़बड़ी थी। भाजपा नेता की एजेंसी पर छापेमारी पूरा दिन चर्चा का विषय बनी रही। अब यह देखना होगा कि आगे क्या कार्रवाई होती है। भाजपा नेता रमेश वाल्मीकि झज्जर से विधानसभा चुनाव की टिकट की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। वह अक्सर बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ देखे जाते हैं।

गोदाम पर ही रखे जाने चाहिए थे सिलेंडर
सीएम फ्लाइंग के दस्ते को सूचना मिली कि शहर के कच्चा बेरी रोड स्थित एक परिसर में भारी संख्या में सिलेंडर रखे हैं जो गैस से भरे हुए हैं। इस सूचना के बाद सीएम फ्लाइंग टीम ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अफसरों को मौके पर बुलाया और रेड की। इस दौरान कॉमर्शियल व घरेलू सिलेंडर मौके पर मिले। इनमें से कुछ भरे हुए थे। इन सभी को गैस गोदाम में भेजकर कर सील लगवाई गई है। सीएम फ्लाइंग दस्ते का कहना था कि आबादी क्षेत्र के अंदर एक साथ इतनी संख्या में सिलेंडर रखना आगजनी को न्योता देने जैसा है। गैस गोदाम के बारे में जब इनके संचालक से पता किया गया तो उन्होंने बताया कि यह गोदाम शहर से बाहर है। कायदे से सिलेंडरों को गोदाम पर होना चाहिए था, लेकिन इनको कार्यालय पर रखा गया। अब इसी शिकायत पर मौके पर मिले सिलेंडर को जब्त कर गैस एजेंसी संचालक से जवाब तलब किया गया है।

गोदाम बदलने की वजह से कार्यालय में ही रखे रह गए सिलेंडर : वाल्मीकि
दूसरी ओर गैस एजेंसी संचालक रमेश वाल्मीकि का कहना है कि यह सभी सिलेंडर उनकी एजेंसी के हैं। गैस गोदाम को शिफ्ट किया गया था इसलिए शाम के समय गाड़ी के आने में दिक्कत रही और यह सिलेंडर यहीं पर रखे रह गए। उन्होंने बताया कि कई बार जनहित में बुजुर्ग व महिलाओं की सुविधा के लिए सिलेंडरों को कच्चा बेरी रोड पर रखवा दिया जाता था। मामले में अपनी सफाई विभाग को पेश करेंगे।

शहर के अंदर नहीं कर सकते सिलेंडरों का स्टॉक
इससे पहले भी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर घरेलू सिलेंडरों का कॉमर्शियल इस्तेमाल किए जाने पर जब्त किया था। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की इस मुहिम के बाद शहर के हलवाइयों में हड़कंप रहा। अब गैस एजेंसी संचालक पर कार्रवाई से अन्य गैस एजेंसी संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय जानकारों का कहना है कि कई बार गैस एजेंसी संचालक लोगों की सुविधा एवं अपनी बिजनेस को देखते हुए गैस सिलेंडर की डिलीवरी किसी एक स्थान पर शहर में करने लगते हैं। कायदे से ऐसा करना गलत है और कोई आगजनी का हादसा हो सकता है। यही कारण है कि गैस एजेंसी जहां पर सिलेंडरों का स्टॉक किया जाता है। वहां पर एक्सप्लोसिव का लाइसेंस नियम कायदों को देखते हुए दिए जाता है।