ओलंपिक में खाई चोट, फिर गोल्ड जीत रचा इतिहास, अब विनेश फोगाट को मिलेगा खेल रत्न

ओलंपिक में खाई चोट, फिर गोल्ड जीत रचा इतिहास, अब  विनेश फोगाट को मिलेगा खेल रत्न

      जुनून हो तो इस बहादुर बेटी जैसा, जो रियो ओलंपिक में चोट लगने के बाद करीब डेढ़ साल बिस्तर पर रही। फिर शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीतकर इतिहास रचा और अब उन्हें खेल रत्न मिलेगा. बलाली निवासी एवं अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान विनेश फौगाट का खेलों के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च अवॉर्ड खेल रत्न के लिए चयन हुआ है। विनेश ने एक और उपलब्धि हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। खेल रत्न के लिए विनेश फौगाट का चयन होने से बलाली गांव में जश्न का माहौल है। विनेश को इससे पहले अर्जुन अवॉर्ड भी मिल चुका है। विनेश के भाई हरविंद्र फौगाट ने बताया कि विनेश की उपलब्धियों से दादरी जिले का पहले भी मान बढ़ा था और अब खेल रत्न के लिए विनेश का चयन होना जिले के लिए गौरव की बात है।

हरविंद्र फौगाट ने बताया कि विनेश को खेल रत्न मिलना परिवार, गांव और राज्य के लिए खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि 2013 में नई दिल्ली में आयोजित एशियन कुश्ती स्पर्धा के 51 किलोग्राम भारवर्ग में विनेश ने कांस्य, 2015 में दोहा में आयोजित एशियन कुश्ती स्पर्धा के 48 किलोग्राम भारवर्ग में रजत और 2016 में बैंकॉक में आयोजित एशियन कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। विनेश 2013 में जोहान्सबर्ग में आयोजित कॉमनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप के 51 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीत चुकी हैं।

देश की नंबर वन महिला पहलवान है विनेश फौगाट
विनेश फौगाट देश की नंबर एक महिला पहलवान हैं। बड़ी और चचेरी बहनों गीता व बबीता फौगाट की तरह विनेश ने भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का नाम चमकाया है। विनेश फ्री स्टाइल कुश्ती खेलती हैं। विनेश ने पहली बार साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यहां 51 किलोग्राम वर्गभार में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। विनेश फोगाट इससे पहले 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी। 2014 में ग्लास्गो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 48 किलोग्राम भारवर्ग में विनेश ने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा इंचियोन में 2014 में आयोजित कुश्ती स्पर्धा में भी विनेश ने कांस्य पदक जीता था। 2018 में जकार्ता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कुश्ती स्पर्धा के 50 किलोग्राम भारवर्ग में विनेश ने स्वर्ण पदक हासिल किया था।

विनेश ने रियो ओलंपिक 2016 में हिस्सा लिया था, जिसमें वे चोटिल हो गई थीं, पर हौंसला बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा था। चोट लगने के बाद वह काफी समय पर बिस्तर पर रहीं, लेकिन इस बहादुर बेटी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और फिर से अखाड़े में उतरी। विनेश ने शानदार वापसी की और गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। विनेश ने 21वें कॉमनवेलथ गेम्स में 50 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था।

महाबीर बोले: विनेश पर पूरे परिवार को गर्व
अंतराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता और बबीता फौगाट के पिता एवं द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फौगाट ने विनेश का खेल रत्न के लिए चयन होने पर खुशी जाहिर की है। महाबीर फौगाट ने कहा कि पूरे परिवार को बेटी विनेश पर गर्व है। अभी विनेश से देश को और पदकों की उम्मीद है और इसके लिए वह तैयारी कर रही है। विनेश फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट की चचेरी बहन है। 24 अगस्त 1994 को जन्मीं विनेश के पिता राजपाल का जमीनी विवाद के चलते मर्डर हो गया था, जिसके बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंका को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी। विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए इंटरनेशनल लेवल पर उनका और देश का नाम रोशन किया है।