आइटी प्रोफेशनल की अनदेखी, हर तीन साल बाद होने वाली वृद्धि रुकी, हड़ताल पर गए तो हरियाणा में ठप हो जाएगा काम

हरियाणा में सरकार की आइटी कंपनी हारट्रोन व डिस्ट्रीक्ट आई टी सोसाइटी में काम करने वाले आइटी प्रोफेशनल का वेतनमान पिछले चार साल से रिवाइज नहीं हो पाया। इनका वेतन सफाई कर्मियों से भी कम है। यह सीएम विंडो, सीएम घोषणाएं, सरल, पीडीएस और सक्षम पोर्टल सरीखी सेवाएं चला रहे हैं।

आइटी प्रोफेशनल की अनदेखी, हर तीन साल बाद होने वाली वृद्धि रुकी, हड़ताल पर गए तो हरियाणा में ठप हो जाएगा काम

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की आइटी कंपनी हारट्रोन व डिस्ट्रीक्ट आई टी सोसाइटी में काम करने वाले आइटी प्रोफेशनल (डाटा एंट्री आपरेटर, कंप्यूटर आपरेटर और कंप्यूटर सहायक आदि) कम मानदेेय में काम करने को मजबूर हैं। हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन भी इन कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। इन कर्मचारियों का वेतन पिछले साल चार से रिवाइज (पुनर्संशोधित) नहीं हुआ है। कंप्यूटर पर काम करने वाले डाटा एंट्री आपरेटर का मानदेय साढ़े 13 हजार रुपये है, जो डीसी रेट पर काम करने वाले सफाई कर्मचारी के वेतन से भी पांच हजार रुपये मासिक कम है।

वेतनमान की विसंगतियां दूर करने के लिए यह सभी आइटी प्रोफेशनल सूचना एवं प्रौद्योगिकी तथा वित्त विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन इन कर्मचारियों को आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिल पाया है। कोविड-19 के इस माहौल में सारा काम आनलाइन तथा कंप्यूटर के जरिये हो रहा है। यदि डाटा एंट्री आपरेटर सिस्टम पर काम करना बंद कर दें तो सरकारी योजनाओं का लाभ तथा कामकाज अधर में लटक जाएगा। इनके वेतन में हर तीन साल बाद वृद्धि होती थी। अंतिम बार जुलाई 2016 में यह बढ़ोतरी हुई थी। इस नियम के हिसाब से जुलाई 2019 में वेतन बढ़ोतरी की जानी थी, मगर अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। कई आइटी प्रोफेशनल की सर्विस को 20 से 25 साल हो गए हैं तथा इतने अधिक समय तक सर्विस करने के बावजूद इनका वेतन मात्र 23 हजार रुपये तक है, जो कि अधिकतम है। सरकारी कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए बार-बार योजना बनाने के बावजूद वह हड़ताल पर नहीं जा रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से सरकारी सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा। उनकी मंशा सरकार का सिस्टम खराब करने की नहीं, बल्कि अपना वेतन बढ़वाने की है।

करनाल के संदीप जागलान और पंचकूला के सुभाष शर्मा ने बताया कि प्रदेश में सभी विभागों और बैंक में चार हजार हारट्रोन व डिस्ट्रीक्ट आई टी सोसाइटी के आइटी प्रोफेशनल नियुक्त हैं। यह सभी आइटी प्रोफेशनल आइटी से संबंधित सभी पोर्टल व प्रोजेक्ट सरल, सीएम विंडो, सीएम घोषणाएं, कोर्ट केस मानीटरिंग सिस्टम, एचआरएमएस, ई-बिलिंग, सक्षम पोर्टल, अप्रेंटिस पोर्टल, एमआइएस पोर्टल, ट्रांजक्शन बेस पोर्टल, एसएचजी बैंक लोन पोर्टल, ई-आफिस प्रोजेक्ट और पीडीएस प्रोजेक्ट का काम संभालते हैं, इसीलिए इन कर्मचारियों को किसी भी विभाग की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। इसके बावजूद इन कर्मचारियों को आज तक न तो समान काम के लिए समान वेतन मिला है और न ही सेवाओं की सुरक्षा की गारंटी मिल पाई है। कम वेतन में ही उन्हें गुजारा चलाना पड़ रहा है।